
Deoghar : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पदस्थापित बीडीओ राकेश कुमार की मौत के मामले में उनकी पत्नी जुली प्रसाद ने हत्या का आरोप लगाया है। इस संबंध में जुली प्रसाद ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि शुक्रवार की शाम करीब चार बजे उनके पति मुजफ्फरपुर समाहरणालय जाने के लिए ट्रेन पकड़ने की बात कहकर नगर थाना क्षेत्र के बिलासी टाउन प्रोफेसर कॉलोनी स्थित घर से जसीडीह स्टेशन जाने के लिए निकले थे।

जुली के अनुसार, राकेश कुमार अपने साथ दो मोबाइल फोन और एक बैग लेकर निकले थे। उस समय उन्होंने जूता-मोजा पहन रखा था। रात करीब नौ बजे सूचना मिली कि उनके पति बमबम बाबा कॉलोनी के पास बेहोशी की हालत में गिरे हुए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल लाया गया।

सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां राकेश कुमार को मृत अवस्था में पाया गया। जुली ने पुलिस को बताया कि राकेश के मुंह और नाक से झाग निकल रहा था। वहीं, उनके दोनों मोबाइल फोन गायब थे और पैर में जूते भी नहीं थे। इन परिस्थितियों के आधार पर जुली ने अपने पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
परिचितों समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप
जुली प्रसाद का कहना है कि बम-बम बाबा पथ स्थित बमबम बाबा कॉलोनी के निर्मल कुटीर नामक फ्लैट की दूसरी मंजिल में रहने वाली दिप्ती किरण उर्फ लवली और उसकी मां किरण देवी उनके पति की परिचित हैं। जुली ने आरोप लगाया है कि दिप्ती किरण उर्फ लवली, किरण देवी, सोनू मलाकार और मोनू मलाकार ने मिलकर उनके पति की हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक दिया।
हालांकि, जुली ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया है कि उक्त लोगों ने कथित तौर पर उनके पति की हत्या किस कारण से की।
शाम में दो बार किया था फोन, कराहने की आवाज सुनाई दी
जुली के अनुसार, उनके पति ने देर शाम 6:47 बजे और फिर 7:58 बजे उन्हें फोन किया था। उनका कहना है कि फोन पर राकेश कुमार की कराहने की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद रात करीब नौ बजे उनके बेहोशी की हालत में मिलने की सूचना मिली। पुलिस मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की गहनता से जांच कर रही है।
वहीं, राकेश कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत के वास्तविक कारण का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस सभी आरोपों, परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।



