
Ranchi : JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने BJP पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की मांगें परीक्षा व्यवस्था में सुधार, गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई से संबंधित हैं. सरकार इन मामलों को गंभीरता से देख रही है.

मंत्री ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक टकराव का माध्यम बनाने के बजाय उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि BJPआंदोलन का उपयोग अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रही है, जिससे राज्य का माहौल प्रभावित हो सकता है.
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आंदोलन में कुछ छात्र भूख हड़ताल और अनशन पर बैठे हैं. लंबे समय तक अनशन पर रहने से उनके स्वास्थ्य को लेकर सरकार चिंतित है.
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से संभव है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है.
मंत्री ने BJP नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में छात्रों की मांगों के साथ है, तो उसे अनशनरत छात्रों से संवाद कर आंदोलन को चरणबद्ध और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की पहल करनी चाहिए.
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य के समक्ष एक ओर MMDR कानून में संशोधन का मुद्दा है, जिसे सरकार झारखंड के आर्थिक अधिकारों से जोड़कर देख रही है. वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है. ऐसे समय में छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक खींचतान का हिस्सा बनाना उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक दल के लिए राजनीतिक लाभ का साधन नहीं होना चाहिए. परीक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद, जांच और आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से किया जाना चाहिए. मंत्री ने BJP से यह भी सवाल किया कि क्या वह वास्तव में छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है या फिर आंदोलन को राजनीतिक रंग देकर इसका लाभ उठाने का प्रयास कर रही है.



