
Deoghar: देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चांदना को न्यायालय के आदेश पर रविवार को सील कर दिया गया। जब सोमवार को बच्चे स्कूल पहुंचे तो ताला लटका देख हैरान रह गए।

परिजनों को विद्यालय के गेट पर ताला लगे होने की जानकारी दी गई। पता करने पर मालूम हुआ कि न्यायालय ने आदेश दिया है इसलिए स्कूल पर ताला जड़ दिया गया है। फिर क्या था, बच्चों में आक्रोश देखा गया। नाराज बच्चे सड़क पर उतर गये। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल्द स्कूल खोलने की मांग की गई।

इधर, विद्यालय बंद होने की सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अमिताभ झा मौके पर पहुंचे। लेकिन, उनके पहुंचते ही आक्रोशित छात्रों और अभिभावकों ने उन्हें घेर लिया और बच्चों की पढ़ाई बाधित होने पर नाराजगी जताते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
मामले की सूचना मिलते ही सोनारायठाढ़ी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। काफी समझाने-बुझाने के बाद बीईईओ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान सोनारायठाढ़ी की बीडीओ नीलम कुमारी भी मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिया। जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
बीईईओ अमिताभ झा ने बताया कि जमीन विवाद में न्यायालय के आदेश के तहत विद्यालय को सील किया गया है, जिससे करीब 250 विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई है। पूरे मामले की जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। शिक्षा विभाग ने प्रभावित छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी शुरू कर दी है।
वहीं, जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने कहा कि मंगलवार तक सभी विद्यार्थियों को नजदीकी विद्यालय से जोड़ दिया जाएगा, ताकि उनकी नियमित पढ़ाई जारी रह सके और शैक्षणिक सत्र पर कोई असर न पड़े।
वहीं, जिला प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जमीन विवाद के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठा रहा है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की संबंधित पीठ में अपील दायर करने की तैयारी की जा रही है।
जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यालय को दोबारा संचालित कराना और छात्रों को उनके पुराने विद्यालय में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना है।


