
New Delhi: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर बीजेपी और विपक्ष में लगातार बयानबाजी जारी है। इस बीच गिरफ्तार आरोपियों में से एक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू से सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नाम को जोड़ा जा रहा है। जिसको लेकर निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया। जिस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को 10 मिनट में पोस्ट हटाने वरना कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी तो निशिकांत दुबे कहा जल्दी करिए।

अखिलेश यादव ने सोमवार दोपहर अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ” सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी! जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज़ कराई जाएगी।”

अखिलेश यादव ने आगे लिखा, ” साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी माँगें या क़ानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।”
अखिलेश यादव ने इसे पीडीए समाज को बदनाम करने से जोड़ते हुए लिखा, “‘पीडीए समाज’ को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ’पीडीए समाज’ एकजुट होकर इसका जवाब देगा। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुख़बिरों के वंशंजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।”
इस पोस्ट पर सांसद निशिकांत दुबे ने जवाब देते हुए लिखा “जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊँगा। “
इससे पहले बीजेपी सांसद ने अयोध्या चढ़ावा मामले में आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के साथ अखिलेश यादव का नाम जोड़ा था। पहले वाली पोस्ट में सांसद दुबे ने कहा था, ‘टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?’


