
Deoghar Crime News : देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र में हाल ही में हुए चर्चित गोलीकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के पीछे आपसी विवाद और जमीन कब्जा दिलाने के कार्य से जुड़ा विवाद कारण था। मामले में पुलिस ने घायल युवक समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

घायल का इलाज फिलहाल सदर अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से एक पिस्टल, एक पल्सर मोटरसाइकिल तथा ऑपरेशन के दौरान घायल के शरीर से निकाली गई गोली का अग्रभाग भी बरामद किया गया है।

अनुमंडल पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि कांड में शामिल आरोपित संगठित होकर जमीन पर कब्जा दिलाने तथा रंगदारी मांगने का काम करते थे। घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने गहन जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया।
गोलीकांड में घायल अभिषेक भी निकला आरोपित
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में नगर थाना क्षेत्र के खोरादह बंपास टाउन निवासी गोविंद यादव, सूरज कुमार यादव उर्फ गोलू, जसीडीह थाना क्षेत्र के संग्रामलोढ़िया निवासी सौरभ देव उर्फ छोटू, नगर थाना क्षेत्र के बरियारबांधी निवासी अक्षय कुमार वर्मा, नगर थाना क्षेत्र के सुभाष चौक निवासी आदित्य कुमार तथा गोली लगने से घायल अभिषेक यादव शामिल हैं।

जमीन कब्जे के हिसाब-किताब को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार घटना तीन जून की दोपहर करीब तीन बजे बीएन झा कॉलेज के समीप हुई थी। गश्ती के दौरान पुलिस को गोली चलने की सूचना मिली। जांच में पता चला कि सुनील दास उर्फ लफ्फू दास के घर के पास कुछ युवक जमा थे।
पूछताछ में घायल अभिषेक यादव ने बताया कि वे लोग एक प्लॉट पर कब्जा करने की मंशा से वहां पहुंचे थे। पूर्व में भी सुनील दास के कहने पर कई जमीनों पर कब्जा दिलाने का काम किया गया था।
इसी दौरान हिसाब-किताब को लेकर सुनील दास के पुत्र शिवम राज और नीरज कुमार के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर शिवम ने पिस्टल निकालकर नीरज पर तान दी।
नीरज द्वारा धक्का देने के बाद शिवम ने अभिषेक यादव पर गोली चला दी। गोली लगते ही वहां मौजूद सभी लोग फरार हो गए। बाद में सूरज उर्फ गोलू घायल अभिषेक को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल पहुंचाकर स्वयं भी फरार हो गया।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश हुई विफल
एसडीपीओ ने बताया कि घटना के बाद घायल अभिषेक ने पूछताछ के दौरान पुलिस को गलत घटनास्थल बताकर भटकाने का प्रयास किया। पुलिस टीम उसके बताए स्थानों पर जांच करती रही, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। बाद में तकनीकी शाखा की सहायता और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस वास्तविक घटनास्थल तक पहुंचने में सफल रही तथा पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
विशेष टीम में एसडीपीओ कुलदीप कुमार, नगर थाना प्रभारी राजीव कुमार, कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, रिखिया थाना प्रभारी प्रभात कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी, जवान और तकनीकी शाखा के कर्मी शामिल थे।


