
Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले के सदर अस्पताल से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां कक्षा नौवीं में पढ़ने वाली एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने अस्पताल के शौचालय में एक बच्चे को जन्म दिया।

हर कोई इस घटना के बाद स्तब्ध है। लेकिन, मामला और झकझोर गया जब ये पता चला कि नाबालिग बच्ची के साथ उसके नाना द्वारा ही दुष्कर्म किया गया था।

बच्चे के जन्म होने के बाद प्रसूति नाबालिग के होश में आने पर परिजनों ने उससे पूछताछ की, तो जो खुलासा किया तो हर कोई चौंक गया। छात्रा ने बताया कि स्कूल से घर लौटने के दौरान रास्ते में उसके ही एक रिश्तेदार ने उसके साथ तीन बार दुष्कर्म किया था। जो रिश्ते में उसका नाना लगता है। आरोपी उसे लगातार धमकी देता था कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे जान से मार देगा। इसी डर और लोक-लाज के कारण पीड़िता महीनों तक खामोश रही।
परिजनों के मुताबिक, आरोपी रिश्ते में गोतिया पक्ष से नाबालिग का नाना लगता है। वह शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। ढीले कपड़ों और डर के कारण परिवार को उसके गर्भवती होने की भनक तक नहीं लग सकी थी।
बता दें कि 14 वर्षीय छात्रा बेंगाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह नौवीं कक्षा की छात्रा है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को स्कूल में गर्मी की छुट्टी होने के बाद छात्रा घर लौटी थी। घर पहुंचने के कुछ समय बाद उसने तेज कमर दर्द की शिकायत की। परिजनों ने तेज कमर दर्द को समान्य शारीरिक समस्या समझा, लेकिन ज़्यादा दर्द बढ़ने की शिकायत पर छात्रा को इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले गए। अस्पताल में भर्ती होने के बाद देर शाम वह शौचालय गई, जहां उसने एक नवजात को जन्म दे दिया।
बताया जाता है कि नवजात को जन्म देने के बाद नाबालिग रक्तस्राव की गंभीर स्थिति में ही शौचालय से बाहर निकलकर जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की नजर उस पर पड़ गई। नाबालिग की हालत देख कर्मियों ने तुरंत उसे रोका।
इसके बाद उससे पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। नवजात बच्चा शौचालय के पेन में फंसा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों, अस्पताल कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए शौचालय से नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार शुरू किया। समय पर हस्तक्षेप के कारण मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकी।
चिकित्सकों की सलाह पर नाबालिग और नवजात को एंबुलेंस के माध्यम से चैताडीह स्थित मातृत्व एवं शिशु अस्पताल भेजा गया। जहां नवजात को एसएनसीयू में भर्ती किया गया है। जबकि नाबालिग प्रसूता का इलाज जारी है। दोनों की स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
इधर, बेंगाबाद थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संतोष राम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।


