
Deoghar: एडीजे तृतीय सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने पॉक्सो एक्ट के दोषी दीपक कुमार दास को 20 वर्षों की सश्रम सजा सुनायी है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि पीड़िता को देय होगी। इस राशि को नहीं देने पर अलग से तीन साल की सश्रम कैद की सजा काटनी होगी।

सजा पाने वाला अभियुक्त चितरा थाना के नावाडीह गांव का रहने वाला है और पीड़िता की मां के बयान पर चितरा थाना में आठ जून 2025 को केस दर्ज हुआ है, जिसमें शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। केस दर्ज होने के बाद पीड़िता का बयान भी कोर्ट में दर्ज हुआ था, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने 10 लोगों की गवाही कोर्ट के सामने दिलायी व दोष सिद्ध करने में सफल रहा. बचाव पक्ष से अधिवक्ता अली जार्जिस ने पक्ष रखा, लेकिन दोष मुक्त कराने में विफल रहा. इस मामले का स्पीडी ट्रायल चला और पीड़िता को महज 11 माह के अंदर न्याय मिला।
क्या था मामला
दर्ज मुकदमा के अनुसार सूचक की नाबालिग पुत्री स्कूल में पढ़ती थी। आराेपी विगत दो साल से पीड़िता से बातचीत किया करता था। घटना से छह माह के अंदर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में शादी से मुकर गया। इसकी शिकायत पीड़िता ने अपनी मां से की तो मामले का खुलासा हुआ और चितरा थाना में केस दर्ज हुआ। कोर्ट ने अभियुक्त दीपक कुमार दास को दोषी करार दिया और उपरोक्त सजा सुनायी गयी।


