
Deoghar: देवघर निगम क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसी तालाब तट स्थित हनुमान मंदिर परिसर राजेंद्र बस्ती में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण में हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान राम दरबार एवं भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस दौरान पूरे परिसर में धार्मिक ऊर्जा और एकता का संदेश गूंजता रहा।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की रक्षा एवं उत्थान के लिए जागरूक करना था।
आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रखने के लिए इस तरह के आयोजनों की महती आवश्यकता है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अचिंत्य चैतन्य जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और सही मार्ग दिखाने का माध्यम भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझें और उन्हें आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्य वक्ता मधुसूदन मंडल ने कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है। यदि समाज एकजुट रहेगा तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है। संगठन की मजबूती और सामाजिक समरसता पर बल दिया।

मौके पर विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष डॉ गोपाल जी शरण ने अपने विचार रखते हुए कहा कि धर्म की रक्षा और समाज के उत्थान के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन समाज में जागरूकता लाने और लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम में मधुसूदन मंडल, गोपाल प्रसाद राउत, कार्यक्रम संयोजक संजीत बरनवाल, नगर कार्यवाह डॉ आनंद वर्धन, जिला संघ चालक गणेश बरनवाल, सुनील कुमार गुप्ता, विनायक कुमार, रामनरेश सिंह, अशोक कुमार और राजकुमार प्रसाद, संतोष कुमार, त्रिलोकी कुमार राउत, विजय वर्मा, नंदकिशोर कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में समाज की एकता, संस्कार और सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने का संकल्प लिया।
आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था भी देखने लायक रही, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।आयोजकों ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को एक मंच पर लाना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का भाव बना रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने धर्म की रक्षा, समाज के उत्थान और राष्ट्रीय एकता के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तब वह हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होता है।


