
Ranchi: झारखंड के डोरंडा क्षेत्र स्थित शौर्य सभागार में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में छठा राज्य स्तरीय सम्मेलन शनिवार को धूमधाम से आयोजित किया गया।

स्वागत गीत के बाद झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति – सह- झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायमूर्ति आनन्द सेन, न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी, झारखण्ड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति अम्बुज नाथ, डालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने स्वागत भाषण के साथ-साथ विषय प्रवेश कराते हुए झालसा की उपलब्धियों से अवगत कराया। इसके पश्चात कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मुंडेर की छात्राओं द्वारा नालसा गीत की प्रस्तुति की गई।
मौके पर बाल सुरक्षा योजना सहित झालसा की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई एवं विभिन्न मामलों में पीड़ितों को चेक द्वारा मुआवजा राशि प्रदान की गई।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले डालसा के अध्यक्ष, एलएडीसी, पीएलवी आदि को इस अवसर पर मोमेण्टो व प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।
मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित राज्य के विभिन्न जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधियों को संबोधित किया एवं पारा लीगल वालेंटियर्स के माध्यम से झालसा की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। न्यायमूर्ति आनन्द सेन व न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने भी सारगर्भित मार्गदर्शन किया।
ज्ञात हो कि कार्यक्रम में देवघर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा, देवघर के उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, देवघर के डिप्टी एस पी वेंकटेश कुमार, डालसा देवघर के सचिव संदीप निशित बारा, देवघर के मध्यस्थ राज कुमार शर्मा(अधिवक्ता), मध्यस्थ अमर नाथ राय, चीफ एलएडीसी सज्जन कुमार मिश्र, डिप्टी एलएडीसी ममता साह व राहुल कुमार सिंह, पैनल अधिवक्ता ललित कुमार, कारापाल प्रमोद कुमार, पीएलवी राखी पाण्डेय, दिलीप मुर्मू समेत राज्य के प्रत्येक जिलों से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश- सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष, डालसा के सचिव, वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता, जेल पदाधिकारी, एलएडीसी एवं पारा लीगल वालेंटियर सहित अन्य भाग ले रहे हैं।
धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात् राष्ट्रगान की प्रस्तुति की गई। तत्पश्चात विभिन्न तकनीकी विषयों पर तीन अलग-अलग सत्रों का आयोजन किया गया।



