
Deoghar: देवघर को मनोकामना लिंग कहा जाता है। बाबा की नगरी देवघर कोई आए और उसकी मुराद पूरी न हो ये असंभव सा है। ऐसा ही एक एक भावनात्मक और मानवता से जुड़ा मामला सामने आया है।

देवघर में स्पेन में रहने वाले विदेशी दंपत्ति मिंग्रेल और मार्का अपनी मनोकामना लेकर पहुंचे, जो पूरी हुई। दोनों पति पत्नी ने एक बच्ची को गोद लिया है। यह दंपत्ति भले ही स्पेन में सनातनी परंपराओं को नहीं मानते हों, लेकिन देवघर आकर उन्होंने इस बच्ची को बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती का आशीर्वाद बताया।

दंपत्ति का कहना है कि इस बच्ची के आने से उनकी फैमिली अब पूरी हो गई है और वे बेहद खुश हैं। उन्हें एक बेटी चाहिए थी, अपने पहले बच्चे के लिए एक बहन चाहिए थी। जो उन्हें देवघर आकर मिल गई। दंपत्ति ने कहा कि इस बच्ची का लालन पोषण वो बेहतरीन तरीके से करेंगे। जिससे इसका भविष्य उज्ज्वल हो।
गोद लेने की पूरी प्रक्रिया देवघर जिला प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुई। उपायुक्त की अध्यक्षता में विशिष्ट दत्तक समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की गहन जांच की गई। इसके बाद दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के तहत केंद्रीय बाल कल्याण समिति के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए बच्ची को विदेशी दंपत्ति को गोद देने की अनुमति प्रदान की गई।
उपायुक्त के निर्देश पर दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अनाथ और परित्यक्त बच्चों को एक स्नेहिल और सुरक्षित परिवार मिल सका।
वहीं जिला प्रशासन की ओर से आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई अनाथ या परित्यक्त बच्चे को गोद लेना चाहता है, तो दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के तहत निर्धारित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दत्तक ग्रहण कर सकता है।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल से बच्चों को बेहतर भविष्य और सुरक्षित जीवन मिल पाता है, जो समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।


