
Hazaribagh: हजारीबाग की जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से फरार हुए तीन सजायाफ्ता कैदियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है और ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाया गया है।

पुलिस जांच में पता चला कि फरारी के बाद तीनों पहले सिंदूर चौक पहुंचे, फिर इचाक के कुरहा गांव गए। वहां से बरकट्ठा, बरही, कोडरमा, गया, क्यूल और जसीडीह होते हुए चार जनवरी को जसीडीह-पुणे एक्सप्रेस से महाराष्ट्र रवाना हुए। छह जनवरी को दौंड जंक्शन पर उतरने के बाद वे बस और पैदल यात्रा कर सोलापुर जिले के कोरटी क्षेत्र पहुंचे। जहां एक ईंट-भट्ठे में मजदूरी करने लगे। लगातार पीछा करते हुए हजारीबाग पुलिस ने करमाला थाना क्षेत्र से तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूरी कार्रवाई की जानकारी हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने दी। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2025 की रात हुई इस सनसनीखेज फरारी की जानकारी जेल प्रशासन को सुबह एक जनवरी की सुबह करीब सात बजे मिली। जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया गया कि तीनों कैदी रात करीब 1:30 बजे जेल से भाग निकले थे।
फरारी की सूचना मिलते ही उपायुक्त की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक सहित वरीय अधिकारियों की टीम ने केंद्रीय कारा पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। फरार कैदियों की पहचान देवा भुइयां उर्फ देव कुमार भुइयां (20), राहुल रजवार (27) और जितेंद्र रवानी के रूप में हुई। सभी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गोशाला से आगे निकलने के लिए कैदियों ने लोहे के हुक, चादर से बनी रस्सी और लकड़ी के डंडे का इस्तेमाल कर दीवार फांदी और फरार हो गए। इस मामले में केंद्रीय कारा प्रशासन के आवेदन पर लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 196/2025 दर्ज किया गया।


