Deoghar : 24 दिसंबर को देवघर नगर थाना में मामला दर्ज कराया गया है। यह मामला आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर बुलाए गए देवघर बंद को लेकर एफआइआर दर्ज किया गया है। यह मामला सारवां प्रखंड के अंचलाधिकारी अनिल कुमार व प्रखंड विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार के संयुक्त बयान पर मामला दर्ज किया गया है।

दर्ज मामले में बिहार प्रांत के गया जिला के रामपुर मुस्तफाबाद एलआइजी 09 शहिद भगत सिंह कालोनी निवासी आशुतोष कुमार, देवघर के रहने वाले कृणाल राय, चंदन कुमार गोरे, प्रीतम तिवारी, दीपक झा, दीपक सिंह, कुंदन सिंह, पुष्कर नारायण सिंह, कृष्णापुरी निवासी आकाश सिंह, गोपाल सिंह, बंता यादव को नामजद आरोपित बनाया गया है।

इसके अलावा यूट्यूबर (सोशल मीडिया ) स्वराज पोस्ट, झारखंड बिहार लाइव टुडे व देशवा बिहार झारखंड सहित अज्ञात को भी आरोपित बनाया गया है।
आरोपितों पर नाजायज मजमा लगाकर रोड जाम, आवागमन बाधित करना, दुकानों को बंद कराना, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के लिए बल का प्रयोग करना, दुकानदारों को आर्थिक क्षति पहुंचाना और सोशल मीडिया पर सरकार व पुलिस प्रशासन के विरुद्ध भ्रामक पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है।
दर्ज मामले में जिक्र है कि नगर थाना में दर्ज मामले के आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर बंद को लेकर दोनों पदाधिकारियों की ड्यूटी दंडाधिकारी के रूप में की गई थी। बंद को लेकर अनुमंडल अधिकारी द्वारा अवैध घोषित करते हुए असंवैधानिक बताते हुए अनुमति नहीं दी गई थी।
बावजूद नामजद आरोपितों द्वारा हजारों की संख्या में सहयोगियों के साथ सरकारी आदेश का अवहेलना करते हुए वीआइपी चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया। जाम की वजह से एंबुलेंस, यात्रियों का आवागमन, स्कूली बसें आदि आवश्यक सेवा सहित दुकानों को बंद करा कर आमजनों को परेशानी पहुंचाया गया।
सरकार व प्रशासन विरोधी नारे लगाकर भीड़ को उकसाया गया। जिला प्रशासन की ओर से कई बार अनुरोध भी किया गया। लेकिन पुलिस प्रशासन व दंडाधिकारी के साथ जोर जबरदस्ती भी किया गया। उत्तेजित भीड़ टावर चौक पहुंचकर रास्ते में ही बैठ गए। जबरन दुकान बंद कराकर व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
इससे पूर्व सोशल मीडिया पर सरकार व पुलिस प्रशासन के भ्रामक वीडियो पोस्ट कर लोगों को जिला प्रशासन के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया गया। शहर की विधि-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।



