
Deoghar News : भारत विकास परिषद, देवघर शाखा द्वारा उत्तर झारखंड प्रांत स्तरीय राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता – 2025 का सफल आयोजन देवघर के रामकृष्ण विवेकानंद विद्या मंदिर, जसीडीह में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में उत्तर झारखंड प्रांत की दस शाखाओं के विजयी विद्यालयों की टीमों ने भाग लिया और देशभक्ति के गीतों से वातावरण को भावविभोर कर दिया।

उत्तर झारखंड प्रांत की 10 शाखाओं से निम्न विद्यालयों ने प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया —

- जी.पी.एस. चास — बोकारो दक्षिण शाखा
- डी.पी.एस. बोकारो — बोकारो उत्तर शाखा
- राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद — धनबाद मुख्य शाखा
- धनबाद पब्लिक स्कूल — धनबाद उत्तर शाखा
- गीता देवी डी.ए.वी. गीता पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, देवघर — देवघर शाखा
- मॉडर्न पब्लिक स्कूल — झुमरी तिलैया शाखा
- डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, हजारीबाग — हजारीबाग शाखा
- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर — दुमका शाखा
- सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा, गिरिडीह — गिरिडीह शाखा
- सेंट कोलंबस स्कूल — बैद्यनाथधाम शाखा
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं —
प्रो. डॉ. लावण्या कीर्ति सिंह नव्या, विश्वविद्यालय विभागाध्यक्ष, संगीत एवं नाट्य विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं सुमन सिंह, एनजीओ सेक्टर की प्रसिद्ध समाजसेवी एवं पूर्वी क्षेत्रीय अध्यक्ष, भारत विकास परिषद।
सम्मानित अतिथि रहे क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. बाल्मीकि कुमार एवं क्षेत्र संयुक्त सचिव हरिरंजन सिंह। कार्यक्रम का संचालन उत्तर झारखंड प्रांत अध्यक्ष रामप्रवेश पांडे, महासचिव प्रकाश चंद्र सिंह, वित्त सचिव अश्विनी तिवारी तथा कार्यक्रम संयोजक एवं देवघर शाखा अध्यक्ष आलोक मल्लिक के नेतृत्व में किया गया। मंच संचालन की भूमिका परिषद के वरिष्ठ सदस्य एवं लोकप्रिय उद्घोषक श्री रामसेवक सिंह ‘गुंजन’ ने निभाई।

निर्णायक मंडल एवं परिणाम
निर्णायक मंडल में संगीत विशेषज्ञ पंडित सुशील प्रसाद सिंह (दुमका), कला विशेषज्ञ मार्कंडेय जजवाड़े पुतरु दा (अंतर्राष्ट्रीय कलाकार, देवघर) तथा भाषा विशेषज्ञ सोमेश कश्यप (संस्कृत विभागाध्यक्ष, बिरला ओपन स्कूल, पटना) शामिल थे।
प्रतियोगिता भारत विकास परिषद की रचना “राष्ट्रीय चेतना के स्वर” पुस्तक पर आधारित हिन्दी एवं संस्कृत भाषा में देशभक्ति गीत रहा। प्रत्येक प्रतिभागी विद्यालय को इस पुस्तक से हिंदी और संस्कृत में एक एक देशभक्ति गीत को समूहगान के रूप में प्रस्तुत करना था और इसके परिणाम दोनों में प्राप्तांक के औसत के आधार पर तय किए गए।
परिणाम इस प्रकार रहे —
प्रथम स्थान – राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद
द्वितीय स्थान – धनबाद पब्लिक स्कूल, धनबाद
तृतीय स्थान – डी.पी.एस. बोकारो
जबकि सांत्वना में
चतुर्थ स्थान – जीजीपीएस, चास और
पंचम स्थान – गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, देवघर रहा।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. लावण्या कीर्ति सिंह नव्या ने कहा —
“यह प्रतियोगिता बच्चों में भारतीय संस्कृति, सभ्यता और देशभक्ति के भाव को प्रगाढ़ बनाती है। संगीत की दृष्टि से यह आयोजन अनुपम और प्रेरणादायी है।” विशिष्ट अतिथि सुमन सिंह ने देवघर शाखा के समन्वय और संगठन क्षमता की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि
“देवघर शाखा ने अनुकरणीय मेजबानी प्रस्तुत की और पूरे प्रांत को एक सूत्र में जोड़ा।”
सम्मानित अतिथि डॉ. बाल्मीकि कुमार ने भारत विकास परिषद के मिल तत्वों को समझाया।
इससे पहले प्रांतीय अध्यक्ष रामप्रवेश पांडेय ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता पूरे देश में 1967 से लगातार आयोजित हो रहे हैं और इसमें प्रतिवर्ष लगभग 15000 विद्यालयों के 6 लाख छात्र भाग लेते हैं।
यह प्रतियोगिता भारत की सभ्यता, संस्कृति और देशभक्ति के प्रसार में पूरे देश में अभूतपूर्व योगदान देती है। कार्यक्रम संयोजक आलोक मल्लिक ने तीनों निर्णायकों का परिचय कराते हुए कहा कि आज के निर्णायकों में पंडित सुशील प्रसाद सिंह 40 वर्षों से संगीत साधना में जुट हैं और प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद तथा प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ के परीक्षक के रूप में योगदान देते हैं।
वहीं मार्कण्डेय जजवाड़े अंतरराष्ट्रीय कलाकार हैं और किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं जबकि सोमेश कश्यप संस्कृत और हिन्दी के साथ साथ देशभके अन्य 8 भाषाओं का जान और पकड़ रखते हैं।
निर्णायक मंडल के सदस्यों ने भी सभी प्रस्तुतियों को “अत्यंत उच्च स्तर की” और “स्मरणीय” बताया। उन्होंने कहा कि सभी टीमों का प्रदर्शन उन्हें अपनी उच्च क्षमता से निर्णय लेने को विवश किया और काफी कांटे की टक्कर दिखी।
प्रांतीय महासचिव प्रकाश चंद्र सिंह ने सभी शाखाओं, विद्यालयों और प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए देवघर शाखा के अध्यक्ष आलोक मल्लिक, सचिव कंचन शेखर, कोषाध्यक्ष एस.पी. भुईयां बिलास तथा देवघर शाखा के सभी सदस्यों के परिश्रम की सराहना की।
देवघर शाखा अध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल और आयोजन के रूप में सहयोग कर रहे रामकृष्ण विवेकानंद विद्यामंदिर के निदेशक सौगात कर के प्रति उनकी काफी सद्भावनापूर्ण आतिथ्य के विशेष आभार व्यक्त किया।
शाखा के सभी सदस्यों रंजीत बरनवाल, रामसेवक सिंह गुंजन, प्रिंस सिंघल, राजेश राज, आशा प्रसाद, विनीता मिश्रा, अभय कुमार, ऊषा सिंह, किरण बरनवाल, रामशंकर सिंह, प्रशांत कुमार सिन्हा, प्रो परिमल सिंह, डॉ सुनील सिन्हा, संतोष कुमार सिंह, पशुपति कुमार सहित सबके सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए आभार प्रकट किया।
भारत विकास परिषद की यह राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता पूरे देश में 1967 से निरंतर आयोजित होती आ रही है। इसमें हर वर्ष लगभग 6 लाख छात्र भाग लेकर देशभक्ति और संस्कृति की स्वर-गंगा प्रवाहित करते हैं।


