
Madhupur (Deoghar): सोमवार को देवघर जिले में इतिहास की सबसे बड़ी बैंक डकैती हुई। अबतक पुलिस की गिरफ्त में एचडीएफसी मधुपुर में हुई इस भीषण डकैती में शामिल अपराधी नहीं आये हैं। हालाँकि डीआईजी अंबर लकड़ा और एसपी सौरभ ने दावा किया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इधर बैंक प्रबंधक धीरज कुमार ने मधुपुर थाना में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध डकैती की प्राथमिकी दर्ज कराया है।

मधुपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में कुल एक करोड़ 64 लाख 25 हजार दो सौ पचास रूपया नगद और 2200 ग्राम सोना लूटे जाने की बात कही है। बताया है कि सोना 41 पैकेट में था। इसके अलावा तीन लाख पांच हजार विभिन्न बैंक ग्राहकों से अपराधी लूट ले गए। बैंक से लूटे गए सोने की कीमत वर्तमान बाजार भाव से 2 करोड़ 40 लाख रुपया बताई जा रही है।
चार अपराधी के खुले थे चेहरे

बताया गया कि तीन बाइक पर सवार होकर छह अपराधी आए थे। ग्राहकों और कर्मचारियों के साथ बुरी तरह मारपीट भी किया। सभी का मोबाइल लेकर एक पॉलिथीन में भर लिया। फिर सभी का मोबाइल बैंक के बाहर फेंक दिए। एक अपराधी बुर्का पहना था जबकि एक हेलमेट लगाया था। चार अपराधी के चेहरे खुले थे। सभी के हाथ में पिस्टल था। अपराधियों की उम्र 35 से 50 वर्ष बताई जा रही।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की उद्भेदन के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सेल के आधार पर अपराधियों की पहचान कर मामले के उद्भेदन का प्रयास किया जा रहा है। अपराधियों को पकड़ने के लिए दुमका से खोजी कुत्ता भी मंगाया गया था। पुलिस बैंक से जांच के लिए पिछले 10 दोनों का सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में लेकर भेजी है। अलग-अलग स्थान का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जा रहा है। इधर, पुलिस ने टिटहियाबांक के पास से काले रंग का पल्सर बाइक बरामद किया है।
डिलीवरी बॉय के बैग में नोट और सोना ले गए डकैत
एचडीएफसी बैंक डकैती में शामिल अपराधियों ने डिलीवरी बॉय के जुंबा बैग का इस्तेमाल किया। जुंबा बैग काफी बड़ा और मजबूत होता है। अपराधियों ने नोट का बंडल और सोना बैंक कर्मियों से ही जुंबा बैग में भरवाया। भागने के क्रम में बैग काफी भारी होने के कारण गिर गया था लेकिन अपराधी उसे फिर उठा ले गए।
डकैती से बेखबर थे आसपास के लोग
आसपास के दुकानदारों का कहना है कि काफी देर बाद उन लोगों को बैंक डकैती की घटना की जानकारी मिली क्योंकि अपराधियों ने डकैती के बाद बैंक के शटर को बाहर से बंद कर दिया था। लोग आशंका जता रहे हैं कि बैंक डकैती में शातिर अपराधी शामिल हैं। स्थानीय अपराधी ने भीषण डकैती में सहयोग किया है। क्योंकि जिस रास्ते से अपराधी भागे हैं उन रास्तों का इस्तेमाल स्थानीय लोग भी बहुत कम करते हैं।
अपराधियों को पकड़ने के लिए मधुपुर एसडीपीओ सतेंद्र प्रसाद, सारठ एसडीपीओ रंजीत लकड़ा जुटे हुए हैं।


