
Deoghar: ब्राउन शुगर की 625 पुड़ियों की बरामदगी से जुड़े चर्चित एनडीपीएस केस संख्या 2/2020 में देवघर जिला न्यायालय ने विस्तृत सुनवाई के बाद चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है, जबकि दो आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया।

देवघर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने शुक्रवार को इस बहुचर्चित मामले में निर्णय सुनाया। न्यायालय ने झौंसागढ़ी निवासी मुन्ना कुमार गुप्ता, बिहार के जमुई जिले के कटियारी सोनो निवासी जीतेंद्र कुमार उर्फ़ रंजीत कुमार तथा स्थानीय शिवनगर, नंदन पहाड़ निवासी सुनील कुमार राय को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21(बी) व 22(बी) के अंतर्गत दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹75,000 जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इसी मामले में इंदिरा नगर, देवघर निवासी अनिकेश कुमार राय को न्यायालय ने एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹10,000 जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, अन्य दो आरोपित — सुधांशु रंजन एवं प्रियांशु कुमार सुमन को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब 23 सितंबर को जसीडीह थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान अवर निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह ने अभियुक्तों को कुल 625 ब्राउन शुगर पुड़ियों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके पश्चात जसीडीह थाना कांड संख्या 477/2020 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित अनुसंधान कर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों को प्रस्तुत किया गया। गवाहों के परीक्षण, प्रतिपरीक्षण एवं दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने उपर्युक्त निर्णय सुनाया।
प्रमुख अधिवक्ता:
अभियोजन पक्ष: प्रभारी लोक अभियोजक शिवाकांत मंडल
प्रतिरक्षा पक्ष: अमर सिंह, बिरलानंद चौधरी एवं मुन्ना झा
देवघर न्यायालय के इस निर्णय को नशीले पदार्थों के व्यापार के विरुद्ध एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज में नशा-विरोधी अभियान को बल प्रदान करेगा।


