
New Delhi: साइबर ठगी के मामले में झारखंड का जामताड़ा ही साइबर शातिरों का गढ़ नहीं रहा है। पुलिस अधिकारियों और साइबर एक्सपर्ट की मानें तो जामताड़ा में लगातार कार्रवाई के बाद ठगों ने अपना ठिकाना बदल लिया है। मौजूदा वक्त में देश के कई हिस्सों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह भोले-भाले आम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) ने 1 जनवरी से 4 मार्च 2025 के बीच के साइबर ठगी के आंकड़े जारी किए हैं। जिनमें देश के 74 जिलों को साइबर ठगी का हॉटस्पॉट बताया गया है।

एनसीआरपी की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में हो रही साइबर ठगी की ज्यादातर कॉल इन्हीं 74 जिलों से की जा रही हैं।
बिहार का नालंदा टॉप 5 जिलों में शामिल
इन 74 जिलों में बिहार के 10 जिले शामिल हैं, जहां साइबर अपराधियों ने अपने ठिकाने बना लिए हैं। शीर्ष जिलों में बिहार का नालंदा पांचवें स्थान पर है। एनसीआरपी आंकड़ों के अनुसार, नालंदा जिले में 2,087 मोबाइल नंबर सक्रिय हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा है।
झारखंड का देवघर टॉप 5 जिलों में शामिल
इसके अलावा छठे स्थान पर बिहार का नवादा जिला है, जहां 2,052 मोबाइल नंबर साइबर ठगी में उपयोग किए जा रहे हैं। हालांकि, झारखंड का जामताड़ा अब साइबर शातिरों का गढ़ नहीं रहा।
पुलिस अधिकारियों और साइबर एक्सपर्ट की मानें तो जामताड़ा में लगातार कार्रवाई के बाद ठगों ने अपना ठिकाना बदला है। जामताड़ा 74 जिलों में 14 वें नंबर है। झारखंड का देवघर टॉप पांच जिलों में तीसरे नंबर पर है। इसके अलावा झारखंड के दुमका, धनबाद, गिरिडिह, रांची और हजारीबाग को साइबर ठगों ने अपना ठिकाना बनाया है।
साइबर ठगी के टॉप 5 शहर
• नूह (हरियाणा)- 4,717 सक्रिय मोबाइल नंबर
• डीग (राजस्थान)- 3,463 सक्रिय मोबाइल नंबर
• देवघर (झारखंड)- 2,604 सक्रिय मोबाइल नंबर
• अलवर (राजस्थान)- 2,295 सक्रिय मोबाइल नंबर
• नालंदा (बिहार)- 2,087 सक्रिय मोबाइल नंबर


