
Deoghar: देवघर के दर्जनों पंजीकृत और गैर पंजीकृत चिकित्सा संस्थानों में सोमवार को टीम जांच करने पहुंची। जहां सिर्फ दो नर्सिंग होम्स को छोड़ कई संस्थान समुचित कागजात भी पेश नहीं कर पाए।
त्रिदेव और सुधा हॉस्पिटल ने पेश किया कागजात

बाजला चौक स्थित त्रिदेव हॉस्पिटल और कुंडा स्थित सुधा हॉस्पिटल द्वारा समुचित कागजात टीम में समक्ष पेश किया गया। जबकि अन्य चिकित्सा संस्थान में कागजात उपलब्ध नहीं थे। जिन्हें सिविल सर्जन द्वारा 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।
सिविल सर्जन के निर्देश पर टीम ने किया निरीक्षण

दरअसल, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं झारखण्ड रांची के कार्यालय पत्राचार के आलोक में उल्लेखित प्रधान सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखण्ड के अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अंतर्गत क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत एवं गैर पंजीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता चिकित्सा संस्थानों के जांच का निर्देश दिया गया था। जिसके आलोक में सिविल सर्जन देवघर द्वारा डॉ अभय कुमार यादव जिला मलेरिया पदाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई। जिसमें सचिव आईएमए, सचिव झासा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एक एनजीओ के सदस्य के रूप कैलाश सत्यार्थी फाउण्डेशन को मिलाकर एक टीम बनाई गई। झासा सचिव डॉ प्रभात रंजन उपाधीक्षक सदर अस्पताल, आईएमए के अध्यक्ष डॉ गौरी शंकर, समरेश कुमार सिंह जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बचनदेव यादव प्रतिनिध स्वंय सेवा संस्था कैलाश सत्यथी फाउण्डेशन, मृगेन्द्र कुमार जिला कार्यक्रम समन्वयक आयुष्मान भारत ने टीम के रूप में औचक निरीक्षण किया।


23 दिसंबर को टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। औचक निरीक्षण के क्रम में सुधा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, सवेरा नर्सिंग होम, देवघर हॉस्पिटल कुण्डा, जीवनदायनी हॉस्पिटल, त्रिदेव हॉस्पिटल, मां तारा हॉस्पिटल, अपना क्लिनिक बाजला चौक, साई राम हॉस्पिटल, सेल इलैक्ट्रो होमियो क्लिनिक, डॉ डी के सिंह का जांच किया गया। सभी को मापदण्डों के अनुरूप कागजात की मांग की गई।
जिसके आलोक में सुधा हॉस्पिटल, कुंडा और त्रिदेव हॉस्पिटल, बाजला चौक द्वारा समुचित कागजात उपलब्ध कराया गया। जबकि अन्य क्लिनिक के द्वारा कागजात उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
सिविल सर्जन ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
संबंधित क्लिनिक को 24 घंटे के अंदर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इन में से कई हॉस्पिटल के अर्हता की जांच आवश्यक प्रतीत हुई। कई के चिकित्सक मौके पर गायब पाये गये जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा संज्ञान में लिया गया है।
सिविल सर्जन द्वारा निर्देशित किया गया कि उपरोक्त क्लिनिक ससमय अपना प्रतिवेदन जमा करना सुनिश्चित करेंगे अन्यथा आवश्यक कार्रवाई क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।



