
Deoghar: झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और संयुक्त बिहार में मंत्री रहे कृष्णानंद झा का रविवार को देवघर में निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीनों से बीमार थे।

शिवगंगा स्थित श्मशान घाट में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिस जवानों द्वारा शोक धुन व फायरिंग के साथ राजकीय सम्मान दिया गया। साथ ही राष्ट्रध्वज को ससम्मान उनके पार्थिव शरीर को परिजन को सुपुर्द कर दिया गया।

इस दौरान मंत्री हफीजुल हसन, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी विशाल सागर, अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर रवि कुमार, बीस सूत्री उपाध्यक्ष मुन्नम संजय, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य ने उनके आवास पर पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।








कृष्णानंद झा प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्था देवघर पीठ के व्यवस्थापक थे और उनकी ख्याति एक शिक्षाविद के रूप में थी। वह देवघर स्थित बाबा धाम मंदिर के मुख्य ट्रस्टी भी रहे थे।
कृष्णानंद झा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिनोदानंद झा के पुत्र थे। देवघर की प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्था हिंदी विद्यापीठ के व्यवस्थापक के रूप में उन्होंने 1987 में कार्यभार संभाला था। इसके बाद यह संस्था प्रमुख साहित्यिक- सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरी। वह लंबे समय तक अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ के उपाध्यक्ष भी रहे। वह वर्ष 1980 में मधुपुर विधानसभा सीट से बिहार विधानसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुए थे।
इसके बाद 1985 और 1990 में भी उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। वह बिहार में कांग्रेस की सरकार में सिंचाई एवं राजभाषा विभाग के मंत्री बनाए गए थे। वर्ष 2022 में उन्हें भारत सरकार की ओर से नीति आयोग का सदस्य भी मनोनीत किया गया था। इस वर्ष फरवरी महीने में उन्हें अमेरिका की मेरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की थी।


