
Deoghar: राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया द्वारा गठित टीमों द्वारा घोरमारा क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न पेड़ा दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में माँ दुर्गा पेड़ा भंडार, संदीप पेड़ा शॉप, पीहू पेड़ा भंडार तथा आशीष फास्ट फूड का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप स्वच्छता, खाद्य गुणवत्ता, निर्माण एवं भंडारण व्यवस्था तथा लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई।
ओमजी पेड़ा भंडार पर सबसे बड़ी कार्रवाई

संबंधित प्रतिष्ठानों को स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करने तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के विक्रय हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। इसी क्रम में ओमजी पेड़ा भंडार से पूर्व रात्रि में विधिवत जब्त किए गए 1060 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा को आज नियमानुसार जेसीबी मशीन की सहायता से पूर्णतः नष्ट कराया गया, ताकि उक्त खाद्य पदार्थ किसी भी परिस्थिति में पुनः उपभोग अथवा बाजार में बिक्री हेतु उपयोग न किए जा सकें। यह कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न कराई गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग, देवघर ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला की संपूर्ण अवधि में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा। मिलावटी, अवमानक अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय में संलिप्त पाए जाने वाले खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों का ही निर्माण एवं विक्रय करें तथा स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का पालन करें तथा बिना वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार नहीं करें एवं विभाग से यथाशीघ्र लाइसेंस/ रजिस्ट्रेशन लेना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि किसी भी संदिग्ध, मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थ की जानकारी तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



