
Madhupur Election 2024: इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपने गढ़ को और मजबूत करने या कोई हुई साख को वापस पाने की कोशिश में लगी है। पिछले दो दशक से झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर विधानसभा क्षेत्र में झामुमो और भाजपा के बीच मुकाबला होता रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार यही स्थिति बनी रहेगी या राजनीति नया रंग दिखाएगी। हालांकि, ताज़ा राजनीतिक हालात में भी मधुपुर में झामुमो बनाम भाजपा के बीच ही चुनावी दंगल होने के आसार दिख रहे हैं।

मधुपुर विधानसभा क्षेत्र देवघर जिले के मधुपुर व करौं क्षेत्र के कई पंचायतों में फैला है। मधुपुर में भाजपा अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने की कोशिश में है। वहीं, झामुमो विधायक हफीजुल हसन अंसारी वर्तमान में झारखंड सरकार के मंत्री हैं।

कुछ ऐसा है जातिगत समीकरण
जातिगत समीकरण की बात करें तो मधुपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 3 लाख 50 हजार मतदाता हैं। इसमें अल्पसंख्यक 25,दलित 15, आदिवासी 15, वैश्य 12, भूमिहार 10, यादव 7, ब्राह्मण 5, राजपूत 4, कायस्थ 2 और अन्य 3 प्रतिशत हैं। पहले के चुनावी रूझान पर भरोसा करें तो इस क्षेत्र में प्रायः सभी चुनावों में एक ओर आदिवासी और मुस्लिम समुदाय की एकजुटता और दूसरी तरफ ब्राह्मण सहित अन्य पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की गोलबंदी निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं।
जेएमएम और बीजेपी में कड़ी टक्कर
वर्ष 2019 में मधुपुर विधानसभा क्षेत्र से झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी ने भाजपा के राज पलिवार को हराकर इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य में इंडिया गठबंधन के नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में बनी सरकार में हाजी हुसैन अंसारी को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन कोरोना की चपेट में आने से 2020 में उनका आकस्मिक निधन हो गया। इस वजह से 2021 में इस क्षेत्र में उपचुनाव कराया गया। जिसमें झामुमो के टिकट पर उनके पुत्र हफीजुल हसन अंसारी पूर्व भाजपा विधायक राज पलिवार के बदले भाजपा के टिकट पर उतरे गंगा नारायण सिंह को हराकर इस क्षेत्र से विधायक चुने गए। हफीजुल वर्तमान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
हॉट सीटों में शुमार मधुपुर गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा है। इस साल जून में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने मधुपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से लगभग 17 हज़ार से अधिक वोट हासिल किया था। हालांकि जीत भाजपा प्रत्याशी निशिकांत दुबे ने दर्ज कराई।
तीन दशक तक कांग्रेस का दबदबा, अब जेएमएम का गढ़ बना
मधुपुर विधानसभा क्षेत्र में 1990 तक कांग्रेस और जनसंघ समेत अन्य पार्टियों के बीच सीधी लड़ाई होती थी, लेकिन इसके बाद 1995 में पहली बार जेएमएम के हाजी हुसैन अंसारी ने इस सीट से जीत हासिल की। जिसके बाद इस सीट पर बीजेपी और जेएमएम के बीच ही मुख्य मुकाबला होता रहा है।
जयराम महतो की पार्टी की सक्रियता भी बढ़ी
इस बीच हाल के दिनों में इस क्षेत्र में भी स्थानीय मुद्दों को लेकर संघर्ष करने वाले जयराम महतो की पार्टी की सक्रियता इस क्षेत्र में भी बढ़ी है। ऐसे में जयराम महतो की पार्टी झारखंड क्रांतिकारी लोकतांत्रिक मोर्चा (जेकेएलएम ) ने इस क्षेत्र में अपना उम्मीदवार उतार दिया तो झामुमो और भाजपा के समक्ष बड़ी मुसीबत खड़ा कर दे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
फिलहाल झामुमो, भाजपा सहित राजग और इंडिया गठबंधन में शामिल दोनों घटक दलों के साथ आम लोग भी चुनाव के तिथि की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।


