
New Delhi: देवघर में जमीन खरीद मामले में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम के खिलाफ झारखंड सरकार के द्वारा दाखिल SLP को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अरुणाभ चौधरी और अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने शीर्ष अदालत में पक्ष रखा। वहीं अनामिका गौतम की ओर से वरीय अधिवक्ता मुकुल रहतोगी और ऋषि कुमार ने बहस की।

दरअसल, झारखंड सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। SLP के माध्यम से झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी। जिसमें हाईकोर्ट ने देवघर में अनामिका गौतम के नाम से खरीदी गई भूमि के मामले में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा ” सत्यमेव जयते,झारखंड सरकार यानि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के द्वारा मेरे परिवार पर किया हुआ अन्तिम केस जो हसेडी ज़िला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मेरे ज़मीन के लिए किया था,को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया ।भाजपा व संघ के संस्कारों के नाते हमने कोई भी ग़लत कार्य नहीं किया है ।मुख्यमंत्री जी अभी तक आप 42 केस मेरे उपर कर चुके हैं ।यह लड़ाई आपको सत्ता से हटाने तक जारी रहेगी”
बता दें कि यह मामला देवघर की उस भूमि खरीद से जुड़ा है जिसमे विष्णुकांत झा ने आरोप लगाया था कि जिस जमीन की मार्केट वैल्यू लगभग 19 करोड़ रुपये है उसकी रजिस्ट्री 3 करोड़ रुपये में हुई है।
बता दें कि देवघर के ऐलोकेसी धाम की जमीन खरीद मामले में अनामिका गौतम के खिलाफ देवघर के टाउन थाने में दो एफ़आइआर दर्ज की गई थी। अनामिका ने इसको हाईकोर्ट में चैलेंज किया था। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद एफआईआर रद्द कर दिया था। साथ ही सरकार से जवाब मांगा था। इस पर सरकार ने कहा था कि 19 करोड रुपए की जमीन 3 करोड रुपए में खरीदी गई है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है। इसलिए जमीन की रजिस्ट्री रद्द की जाए।


