
Ranchi: झारखंड सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सीएम हेमंत सोरेन जमीन घोटाला और अवैध खनन के आरोपों में फंसते दिख रहे हैं। 3 जनवरी को सोरेन ने महागठबंधन के विधायक दल की बैठक बुलाई है। चर्चा है कि इस बैठक में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन का नाम CM के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

हेमंत सोरेन इस संबंध में कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। हेमंत सोरेन ने मंगलवार को महाधिवक्ता राजीव रंजन से मुलाकात की। वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक भी हुई जिसमें सीएम के सचिव विनय चौबे भी शामिल रहे।

इस बीच गोड्डा सांसद लगातार हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर हैं। वो बैक टू बैक ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से एक ट्विट कर झारखंड की राजनीति में सनसनी फैला दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है।
पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी परेशान, उनके सचिव चौबे जी से लेकर महाधिवक्ता मिश्रा जी गांडेय उपचुनाव कराने के लिए परेशान. विधायक दल की बैठक कल, राज्यपाल के पास अपना इस्तीफ़ा व कल्पना सोरेन जी को विधायक दल का नेता बनाने वाला पत्र राज्यपाल महोदय को एक साथ देने की तैयारी है। ऐसे में झारखंड के राज्यपाल से विनम्र निवेदन है कि कानूनी सलाह के बाद ही निर्णय लें।”
एक दूसरे ट्वीट में निशिकांत ने कहा है “सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट sr choudhry vs state of Punjab के अनुसार यदि 6 महीने के अंदर कल्पना सोरेन जी विधायक नहीं बनती हैं तो वह मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले सकती हैं,और काटोल विधानसभा के लिए मुम्बई हाईकोर्ट के जजमेंट के अनुसार अब गांडेय या झारखंड के किसी भी विधानसभा का चुनाव नहीं हो सकता राज्यपाल महोदय को ECI तथा क़ानूनी राय लेकर झारखंड के लुटेरों की मंशा को रोकना चाहिए यही प्रार्थना है।”



