
Deoghar: धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इसी तिथि पर भगवान धन्वंतरि सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। त्रयोदशी के दिन ही आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि की जयंती भी मनायी जाती है। धनतेरस पर नयी चीजों की खरीदारी का विशेष महत्व है।

10 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस पर्व मनाया जायेगा। मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर नयी चीजों की खरीदारी का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि जो कोई भी धनतेरस के दिन खरीदारी करता है, उसके घर पर सुख और समृद्धि आती है, धन की कभी कमी नहीं होती है। उक्त बातें बाबा नगरी के जानकार पंडित संजय मिश्र ने कही।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे से शुरू होगा शुभ मुहूर्त

संजय मिश्र ने बताया कि अलग-अलग पंचांग के अनुसार अलग-अलग समय बताया गया है। लेकिन बाबा नगरी में पंचांग के अनुसार धनतेरस के दिन दोपहर 12 बजे से रात नौ बजे तक और रात 11 बजे से लेकर अगले दिन 11 बजे तक खरीदारी का शुभ मुहूर्त है। लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त: धनतेरस के पावन पर्व पर भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा की जाती है।
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 10 नवंबर, शुक्रवार को शाम 05 बजकर 47 मिनट से शाम 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा, लेकिन प्रतिष्ठानों में गणेश-लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व है। इसलिए, रविवार की शाम पांच बजे से लेकर रात 12 तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
शनिवार को यमदीप एवं रविवार को काली पूजा
बाबा नगरी में शनिवार को शाम साढ़े पांच बजे से लेकर सात बजे तक लोग यम दीप जलाएंगे। ये दीप घर के मुख्य द्वार पर महिश के गोबर से बने दीप जलाई जाएगी। इस दीप के जलाने ये यम प्रसन्न होते हैं, वहीं रविवार को दीवाली के दिन काली पूजा का आयोजन होगा। ये पूजा शाम सात बजे से लेकर शेष रात्रि की जाएगी।


