
Deoghar: गुरुवार की रात जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड मामले में नई बात सामने आई है। मामला ये सामने आया है कि गोलीकांड में घायल प्रदीप राय अपने ही साथी द्वारा किये गए फायरिंग में घायल हुआ था।

दरअसल, पूरा घटनाक्रम इंडियन आयल कॉर्पोरेशन में कार्यरत मुंशी के अपहरण से जुड़ा हुआ है। घटना को लेकर आइओसी के मुंशी रामचंद्र सिंह के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है। बयान के आधार पर पुलिस ने घायल अपराधी प्रदीप राय को गिरफ्तार भी कर लिया है।

जसीडीह थाना क्षेत्र के मोदी गली रामचन्द्रपुर निवासी रामचन्द्र सिंह के बयान के मुताबिक 15 जून की शाम करीब छह बजे हर दिन के तरह वो काम खत्म करके घर जाने से पहले कंपनी के सामने चाय की दुकान में चाय पी रहा था। इसी बीच संथाली मोहल्ला निवासी विजय राम उर्फ बेलु और जयराम रमानी उर्फ जयवा एक कार से अपने चार साथियों के साथ वहां पहुंचा। बेलु ने उसे अपने पास बुलाया और जबरन कार में बैठाया। कार में बैठते ही मौजूद अन्य अपराधियों ने उसपर पिस्टल तान दिए और पांच लाख रुपया की मांग करते हुए नहीं देने पट जान से मार देने की धमकी दी।
अपराधी उसे कंपनी के पिछे सुनसान जगह पर ले गए। यहां पहुंचने पर फिर से रुपए की मांग की गई। इसी बिच विजय राम उर्फ बेलु ने उसके सिर पर पिस्तौल तानते हुए जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दिया।इस बीच बचाव के लिए वह झुका और गोली उसे न लगकर बेलू के ही साथ आए अपराधी प्रदीप राय के दाहीने हाथ में लग गई।
रामचंद्र ने कहा कि घटना को देखकर वो काफी डर गया था। किसी तरह अपने रिश्तेदार नितेश कुमार को फोन कर पैसे का इंतज़ाम करने को कहा। किसी तरह 1.5 लाख रुपया का व्यवस्था हो पाया। इस रकम को विजय राम उर्फ बेलु के एक साथी को जसीडीह रेलवे स्टेशन स्थित बजरंग बली मंदिर के पास सौंप दिया। इसके बाद अपराधी पुलिस को कुछ न बताने की धमकी देते हुए उसे झाड़ी के पास छोड़कर भाग गए।
उसने बताया कि अपराधी आपस में नाम लेकर बात कर रहे थे। जिसमे से एक कमलेश सिंह गिरिडीह का रहने वाला और दूसरा मुंगेर का राजेश कुमार था।
इधर, पुलिस ने प्रदीप राय को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। जो फिलहाल इलाजरत है। पुलिस अन्य अपराधियों की तलाश में जुटी है।


