
Deoghar: गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री पर एक बार फिर भड़क गये हैं। सोशल मीडिया के जरिये अपनी नाराजगी जताते हुए डीसी के एक फैसले को नीच और घटिया बताया है। इतना ही नहीं सांसद ने सीएम हेमंत सोरेन का भी इस पर ध्यान दिलाया है।

दरअसल, मामला देवघर के राजस्व कर्मियों के निलंबन और बर्खास्तगी व सांसद के संबंधियों के जमीन और दाखिल खारिज संबंधी विवाद से जुड़ा है।

सांसद निशिकांत दुबे के मुताबिक देवघर के नीलकंठपुर मौजा (हल्का 11) में (खाता संख्या 275, टीपीपी 169) उनके पूर्वजों की 62.48 डिसमिल जमीन है। इस जमीन को उनके ससुर ने 1979 में खरीदा था। उनकी मृत्यु के बाद यह जमीन उनकी सास और उनके बच्चों के नाम दाखिल खारिज हुआ। केवल इस आधार पर ही इस काम में लगे चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। सांसद ने इसे देवघर डीसी की घटिया करतूत बतायी है। इसे नीचता की पराकाष्ठा भी कहा है। उन्होंने इसे विनाशकारी फैसला बताया है।
ट्वीट करते हुए ट्विटर पर निशिकांत दुबे ने जमीन के दाखिल खारिज के रिकॉर्ड को भी शेयर किया है। इसके मुताबिक म्यूटेशन (केस सं 2124/2022-23, नीलकंठपुर मौजा-हल्का 11)) के लिए 28 फरवरी 2023 को आवेदन प्रशासन को प्राप्त हुआ। 7 मार्च को इसे सीओ स्तर से आगे फॉरवर्ड किया गया। प्रक्रियागत तरीक के बाद 1 अप्रैल को कर्मचारी ने इसे वेरिफाई किया। फिर सीआई ने इसे 2 अप्रैल को और सीओ ने 8 अप्रैल को जरूरी स्टेप लिया। जमीन के क्रेता के तौर पर आशा मिश्रा, अनिताभ कुमार मिश्रा और सुमिता गौतम (सभी पटना निवासी) तथा अनामिका गौतम (पति-निशिकांत दुबे) का नाम है।
सांसद के मुताबिक इसी जमीन के म्यूटेशन कार्य में लगे चार कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
बता दें कि मंगलवार को देवघर डीसी मंजूनाथ द्वारा देवघर अंचल कार्यालय अन्तर्गत कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर राजस्व उप निरीक्षक तरूण कुमार को निलंबित कर दिया गया। इसी सीआई तरुण कुमार का जिक्र सांसद निशिकांत द्वारा पोस्ट किए गए रिकॉर्ड में भी है।
इसके अलावा अंचल कार्यालय में कार्यरत राजस्व उप निरीक्षक फ्रांसीस किस्कू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
इतना ही नहीं, राजस्व कार्य में लापरवाही को लेकर अंचल कार्यालय में कार्यरत कम्प्युटर ऑपरेटर अजीत मालवीय को तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया गया है।


