
Godda: प्रधान जिला न्यायाधीश देवेंद्र कुमार पाठक की कोर्ट ने बुधवार को आरोपित पुत्र सचिंद्रनाथ ठाकुर उर्फ जीवेश ठाकुर को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा ससुनाई। रकम मां को दिया जाना है। पैसा नहीं दिए जाने की स्थिति में सजा की अवधि एक वर्ष अतिरिक्त बढ़ जाएगी। जीवेश घटना के दिन से ही जेल में है।

मामला मुफ्फसिल थाना अंतर्गत लुकलुकी गांव का है। रिटायर्ड सरकारी कर्मी कलानंद ठाकुर पत्नी बुलबुल देवी और बेटे जीवेश ठाकुर के साथ घर पर ही रहते थे। घटना जुलाई 2020 की है। आरोप है कि रात में किसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ। मामला बढ़ते देख मां बीच-बचाव के लिए पहुंची तो जीवेश ने आवेश में आकर पिता पर लोहे के रॉड से वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मां बुलबुल देवी के बयान पर मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज करते हुए जीवेश ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट में चार्जशीट दायर होने के बाद ट्रायल शुरू हुआ। कोर्ट में मां ने अपने बेटे के खिलाफ गवाही देते हुए हत्या करने का आरोप लगाया। प्रधान न्यायाधीश देवेंद्र पाठक की अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से बहस होने के बाद फैसला सुनाया।



