
Deoghar: 30 वर्षोँ में ऐसा पहली हो रहा कि देवघर में निकलने वाले शिवबारात में शिवभक्तों को शामिल करने के लिए अदालत का रुख करना पड़े।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस बार शिवबारात आयोजन की जिम्मेदारी इलाके के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने ली है। शिवबारात को भव्य बनाने के लिए तमाम तैयारियां की जा रही है। लेकिन, बार-बार देवघर जिला प्रशासन की ओर से नियम-कानून का हवाला देकर शिवबारात आयोजन समिति को चेतावनी भरा आदेश दिया जा रहा है। जिसके खिलाफ निशिकांत दुबे लगातार बोलते आ रहे हैं और बार-बार कह रहे कि जिला प्रशासन नहीं चाह रही कि शिवबारात का आयोजन हो। अब जिला प्रशासन के आदेश को चुनौती एमपी निशिकांत दुबे ने झारखंड हाई कोर्ट में दिया है।

बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा पहला आदेश बारात का रुट नहीं बदलने को लेकर है। दूसरा, बारात में हाथी शामिल नहीं होंगे। तीसरा आदेश, बारात में 12 फ़ीट से ऊंची झांकी नहीं होनी चाहिए। चौथा आदेश, ध्वनि पर नियंत्रण को लेकर है।

अब इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल पूरे अनुमंडल क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू करने को लेकर है। जारी नोटिफिकेशन में साफ लिखा है कि पूरे अनुमंडल क्षेत्र में धारा 144 लगाते हुए उपयुक्त सभी आदेश को पारित किया जा रहा है। अब सवाल ये है कि शिवबारात के रूट को अगर छोड़ कर भी धारा 144 क्षेत्र में लगा हो तो बारात के लिए उमड़ने वाली भीड़ शिवबारात में शामिल होने के लिए आना-जाना कैसे कर पायेगी।


