
Ranchi: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। मामला देवघर एयरपोर्ट के एटीसी में एंट्री करने को लेकर है। आरोप है कि सांसद बिना इजाजत लिए एटीसी में गए थे। मामला 31 अगस्त को देवघर एयरपोर्ट का है।

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, सांसद मनोज तिवारी और भाजपा के नेता कपिल मिश्रा दुमका पेट्रोल हत्याकांड की पीड़ित अंकिता के परिजनों से मिलने के लिए देवघर होते हुए दुमका पहुंचे थे। सांसद निशिकांत दुबे पर यह आरोप है कि देवघर एयरपोर्ट पर स्थित एटीसी में वह जबरन दाखिल हुए और उड़ान भरने का दबाव बनाते हुए दो बेटों, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और कपिल मिश्रा के साथ दिल्ली चले गए। इस मामले को लेकर एमपी निशिकांत दुबे और डीसी मंजूनाथ भजंत्री के बीच ट्वीटर पर तीखी बहस भी हुई। दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आये।

इससे पहले यानि विवाद बढ़ने से पहले ही 23 अगस्त को निशिकांत दुबे ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा और कहा कि निर्वाचन आयोग ने जो निर्देश 6 दिसंबर 2021 को झारखंड सरकार को मंजूनाथ भजंत्री के मामले में दिया था, उसका पालन नहीं किया गया है। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर से झारखंड सरकार को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री अभी तक कैसे डीसी के पद पर बने हुए हैं। क्योंकि, निर्वाचन आयोग की तरफ से सरकार को यह निर्देश दिया गया था कि जल्द से जल्द मंजूनाथ भजंत्री को डीसी के पद से हटाया जाए। साथ ही किसी प्रकार के चुनाव के काम में उन्हें ना लगाया जाए।



