
Deoghar: देवघर जिले की पुलिस ने 12 घंटे के अंदर जावागुड़ी जंगल में मिले युवती ललिता देवी की लाश व निर्मम हत्या मामले का पर्दाफाश कर लिया है। मामले में पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि स्कूल के समय से युवती का प्रेमी रहा देवीपुर बलथरवा गांव निवासी मोहम्मद आलम अंसारी ने ललिता देवी की निर्मम हत्या जंगल में ही कर दी थी। जिसे जसीडीह के टाभाघाट स्थित उसके ससुराल से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के समक्ष अपनी गुनाह कबूल करते हुए आरोपी युवक ने बताया कि उसने कक्षा पाँचवी तक पढ़ाई की है। वर्ष 2007 से उसका प्रेम-प्रसंग बुढ़ैई की रहने वाली ललीता देवी से चल रहा था। लेकिन ललीता की शादी कहीं और हो गयी। उसकी शादी के बाद भी दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चलता रहा। दोनों फोन से बातचीत किया करते और अक्सर मिलते थे। युवक ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से ललीता ने उससे बात करना कम कर दिया था। कभी–कभार ही बातचीत होती थी। जिससे उसे ललिता पर संदेह हुआ और इधर-उधर से पता चला कि ललीता इन दिनों अपने ममेरे देवर से बात करती है और ममेरा देवर का ललीता देवी के घर आना-जाना बढ़ गया है। जिससे उसके मन में जलन की भावना पैदा हुई और ललीता से नफरत करने लगा। वो हमेशा ललीता देवी से बदला लेने के लिये सोचने लगा और एक दिन उसकी हत्या की योजना बनायी।

आरोपी ने बताया कि 16 अगस्त को ललीता को दोपहर में कॉल करने पर पता चला कि वह महिला समुह का कार्य करने के लिये जाभागुड़ी पंचायत सचिवालय आयी है। उसने कुछ समय बाद तिलैया मोड़ पहुँचने के लिये कहा। जहां करीब दो बजे दोपहर दोनों मिले। ललीता देवी को उसने नजदीक के जंगल चलने को कहा। जहां जाकर एक पलाश के पेड़ के नीचे करीब आधे घंटे तक दोनों ने बातचीत की, बातचीत करने के बाद वह जंगल में अंदर झाड़ियों के बीच ललीता को ले गया और अचानक पीछे से उसका गला अपने हाथ से दबा कर हत्या कर दी। ललिता की मौत हो जाने के बाद शव को साक्ष्य छिपाने के नीयत से झाड़ी में छिपाकर फरार हो गया। साथ ही झोला को झाड़ी में फेंक दिया।

हत्या के बाद आरोपी अपने ससुराल टाभाघाट,जसीडीह में छिपकर रह रहा था। जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि युवती ललिता देवी महिला समूह जावागुड़ी की अध्यक्ष थी। 16 अगस्त के दोपहर से ही वो लापता थी। जिसकी लाश 19 अगस्त की शाम जावागुड़ी जंगल से बरामद किया गया था।


