
Ranchi: झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने वर्ष 2019 से 2022 तक 3001 साइबर ठगों (Cyber Criminals) को गिरफ्तार किया है। साथ ही जून 2022 तक विभिन्न तरीकों से ठगी की गई कुल रकम चार करोड़, 48 लाख, 24 हजार 551 रुपये बरामद किये गये हैं। इसके अलावा 3060 मोबाइल फोन, 4739 सिम कार्ड, 1689 एटीएम कार्ड, 938 पासबुक, 248 चेकबुक, 66 चारपहिया वाहन, 218 दो पहिया वाहन, 218 लैपटॉप, 17 स्वाईप मशीन, चार क्लोन मशीन, चार राउटर बरामद किए गये हैं।
Cyber Monitoring Cell का गठन

वर्ष 2022 में झारखंड राज्य में सक्रिय नक्सली और उग्रवादी संगठन के क्रिया कलापों पर निगरानी रखने के लिए एक विशेष कार्य दल के रूप में साइबर मॉनिटरिंग सेल (Cyber Monitoring Cell) का गठन किया गया है। इसके माध्यम से सोशल मीडिया में अतिवादी संगठनों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार के विरुद्ध काउंटर नैरेटिव प्रेषित करने का कार्य किया जा रहा है। यह विशेष सेल सक्रिय नक्सली संगठनों का प्रोफाइल तैयार कर उनके संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ उनकी गतिविधियों पर युक्तियुक्त रोक लगाने के लिए विधिवत रुप से कार्य कर रहा है।
Toll free Cyber helpline number 1930 की शुरुआत

राज्य में ऑनलाइन फ्रॉड (online fraud) के मामलों में इजाफा हो रहा है। सस्ते ऑफर, सेकंड हैंड मोबाइल फोन, बैंकों के केवाईसी अपडेट नौकरी, आदि के झांसे पर कई लोग इन फर्जीवाड़े के चक्कर में फंस जाते हैं। धोखे के बाद अक्सर लोगों को एक समस्या का सामना करना पड़ता है। इसकी शिकायत कहां की जाए इसके लिए झारखंड राज्य में टोल फ्री साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 (Toll free Cyber helpline number) की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से 59 लाख सात हजार 451 रुपये वापस कराया गया है।
वर्ष 2019 से 2022 में कुल 1526 नक्सली गिरफ्तार
पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2019 से 2022 में कुल 1526 नक्सलियों (Naxalites) को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक पोलित ब्यूरो सदस्य, एक सेण्ट्रल कमिटी सदस्य, तीन स्पेशल एरिया कमिटि सदस्य, एक रिजनल कमिटी सदस्य, 12 जोनल कमांडर, 30 सब जोनल कमांडर एवं 61 एरिया कमांडर की गिरफ्तारी की गयी है। इसके अलावा 136 पुलिस हथियार, 40 रेगुलर हथियार, 590 देशी हथियार, 37541 गोलियां, 1048 आईईडी एवं 9616 डेटोनेटर बरामद किये गये। इसके अतिरिक्त कुल 158.52 लाख रुपये की लेवी राशि भी बरामद की गयी।
नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए बनाये गये आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का भी सकारात्मक फलाफल रहा है। इसके तहत कुल 57 शीर्ष नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। कुल 51 नक्सली विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गये हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीजीपी नीरज सिन्हा (DGP Neeraj Sinha) ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाये जा रहे है। इसमें झारखंड पुलिस को कामयाबी मिल रही है। साइबर अपराध सहित अन्य आपराधिक घटनाओं पर भी रोक लगाने के लिए राज्य पुलिस काम कर रही है।


