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Shravani Mela में उम्मीद से कम आ रहे कांवरिया, बाबा नगरी के कारोबार पर पड़ रहा असर: चैम्बर

Deoghar: बुधवार को संप चैम्बर ऑफ कॉमर्स & इंडस्ट्रीज, देवघर (SP Chamber of Commerce & Industries, Deoghar) द्वारा श्रावणी मेला (Shravani Mela) से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए प्रेस वार्ता किया गया। प्रेस वार्ता के माध्यम से श्रावणी मेला में अपेक्षा से काफी कम कांवरियों के आने पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर गंभीर विवेचना की आवश्यकता महसूस की गई। इसके साथ ही मेला के एक सीमित क्षेत्र में सिमट कर रह जाने तथा स्थानीय बाजार में व्यापार पर प्रतिकूल असर पर भी चिंता दिखाई गई।

होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित

चैम्बर के उपाध्यक्ष उमेश राजपाल, संजय मालवीय, होटल व्यवसायी जितेश राजपाल, सुशील अग्रवाल, मनीष कुमार ने कहा कि प्राइवेट छोटी गाड़ियों के शहर में प्रवेश को प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित रखने के कारण होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और होटल में ठहरने वाले बम नगण्य हो गए हैं। इससे स्थानीय बाजार में खरीददारी भी प्रभावित हो रहे हैं। टावर चौक, बाजला चौक, सुभाष चौक, बैजनाथपुर, डोमासी, झौसागढ़ी आदि क्षेत्रों में तो मेला का रौनक भी नजर नहीं आ रहा।

बेवजह बड़े वाहनों पर रोक-टोक

चैम्बर उपाध्यक्ष पीयूष जायसवाल एवं खाद्यान्न व्यवसायी गणेश भालोटिया ने बताया कि रात्रि 10.30 बजे से सुबह 7 बजे तक निर्धारित समय में भी बड़े व्यावसायिक वाहन/ट्रक को शहर में प्रवेश करने में अनावश्यक रोक-टोक हो रही है तथा बेवजह लंबी दूरियों से आने को कहा जाता है। इससे ट्रक ड्राइवर और माल मंगाने वाले व्यवसायी अनावश्यक रूप से परेशानी झेलने को विवश हो रहे हैं, बात यहां तक हो रही है कि ट्रक और ट्रांसपोर्टर सावन में देवघर माल भेजने से कतरा रहे हैं, थोक व्यवसायी हैरान-परेशान हो रहे हैं। 

मेला शुरू होने से पहले डीसी से हुई थी चर्चा, लेकिन प्रशासन ने नहीं किया गौर

संप चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने बताया कि चैम्बर ने मेला शुरू होने से पहले से ही इन समस्याओं और इसके समाधान पर पर्याप्त निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया था। उपायुक्त के साथ चैम्बर की बैठक कर भी समस्याओं को बताया गया था। उपायुक्त ने लिखित सुझाव मांगे, चैम्बर ने तीन-तीन बार लिखित सुझाव भी दिया, लेकिन लगता है, इन सुझावों पर विचार करने और ट्रैफिक प्लान में आवश्यक परिवर्तन करने पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। प्रशासन को बार-बार इस ओर ध्यान दिलाने के बावजूद चैम्बर की बातों को सुनने-समझने की कोशिश नहीं की जा रही। ट्रैफिक प्लान, व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश, आवश्यक वस्तुओं के मूवमेंट, शहर के भीतर अवस्थित फैक्टरी और बड़े व्यवसायों के सुगम संचालन पर गौर नहीं किया जा रहा।

श्रद्धालुओं को बाबाधाम आने के लिए आकर्षित करने की आवश्यकता

चैम्बर अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने मेला में अप्रत्याशित रूप से कम श्रद्धालुओं के आने पर भी निराशा प्रकट किया और प्रशासन को स्टेक होल्डर्स के साथ मिलकर इसपर मंथन करने की जरूरत बताई। उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और लंबी और थकान भरे रुट लाइनिंग को फोकस करने के बदले बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, सुगम और त्वरित जलार्पण व्यवस्था, कोरोना प्रोटोकॉल और अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था को फोकस करते हुए विभिन्न पड़ोसी राज्यों विशेषकर बिहार, बंगाल, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों में प्रचार-प्रसार कर श्रद्धालुओं को बाबाधाम आने को आकर्षित करना चाहिए। बड़े संख्यागत आंकड़े तथा जलार्पण में लंबी दूरी से बचते हुए 2-3 घंटे में सुगम जलार्पण की व्यवस्थाओं को फोकस किया जाना चाहिए

चैम्बर की प्रशासन से ये मांग

चैम्बर ने प्रशासन से मांग किया है कि छोटी प्राइवेट गाड़ियों को प्रशासन द्वारा घोषित वाहनों के परिचालन के लिए प्रतिबंधित मेला क्षेत्र (नो ट्रैफिक जोन) के अलावे शहर के अन्य क्षेत्रों में अनुशासित आवागमन की अनुमति रहे। अब सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त हैं और शहर में प्रवेश के अनेक मार्ग हैं जिससे मेला बाधित नहीं होगा और स्थानीय व्यवसाय भी अनुकूल होगा। चैम्बर ने पूरे शहर में मेला के फैलाव की आवश्यकता बताई है। शहर में छोटे वाहनों के लिए क्लब ग्राउंड और सर्राफ स्कूल के पिछले ग्राउंड को अस्थायी पार्किंग बनाना चाहिए। कोठिया की ओर से आने वाली छोटी गाड़ियों को गिधनी मोड़ से प्रवेश करने दिया जाय। इसके अतिरिक्त करनीबाग, बैजनाथपुर, जसीडीह आदि से भी छोटी वाहनों को प्रवेश मिले। बड़े यात्री गाड़ियों के लिए नवनिर्मित बाघमारा बस अड्डा का उपयोग किया जाना चाहिए। कोठिया के साथ-साथ बाघमारा का भी उपयोग हो। व्यवस्था ऐसी हो कि कांवरियों को देवघर से कम से कम दूरी तक पहुंचने की सुविधा मिले जिससे बम बंधु देवघर में रुकें, ठहराव करें, खरीददारी करें।

फ़ूड सेफ्टी इंस्पेक्टर का इंस्पेक्शन हो पारदर्शी

इसके अलावे चैम्बर ने कहा कि फ़ूड सेफ्टी इंस्पेक्टर का इंस्पेक्शन पारदर्शी हो, मोबाइल जांच केन्द्र से आवश्यक जांच कर तत्काल आवश्यक कारवाई हो। झारखण्ड में अभी एक भी खाद्य जांच केन्द्र कार्यरत नहीं है, अतः मेला में लंबे जांच की जगह तात्कालिक जांच और कार्रवाई पर फोकस हो। भयादोहन जैसी बात न हो। बाहर से मंगाए सभी खोवा को संदेहास्पद न बनाया जाय, ट्रांजिट में कुछ सामग्री खराब हो सकते हैं। चैम्बर को किसी भी जांच से परहेज नहीं है, लेकिन पारदर्शी जांच हो। बड़े व्यावसायिक वाहनों को रात्रि में चोपा मोड़ से प्रवेश की अनुमति हो।

प्रशासन को पूरा सहयोग करने को तैयार है चैम्बर

चैम्बर अध्यक्ष ने प्रशासन से अपील किया है कि मेला के सफल संचालन में चैम्बर प्रशासन की कमियों को फोकस नहीं करना चाहती, हम प्रशासन के साथ परस्पर सहयोग की भावना रखते हैं तथा श्रावणी मेला की प्रसिद्धि को बढ़ाने में पूरे सहयोग के लिए सहर्ष तैयार हैं। प्रशासन द्विपक्षीय संवाद को बेहतर बनाए, देवघर की जनता सफल मेला की कामना करती है।

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