
Deoghar: कुख्यात अमित सिंह हत्याकांड (Amit Singh murder case) में शामिल एक साजिशकर्ता गिरफ्तार कर देवघर पुलिस ने जेल भेज दिया है। देवघर एसपी सुभाषचन्द्र जाट को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कुख्यात अमित सिंह हत्याकांड में शामिल एक साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया गया। पुछताछ के बाद गुरूवार को पुलिस ने जेल भेज दिया।

जेल गये आरोपी का नाम चन्द्रभूषण सिंह उर्फ चंदन है जो बिहार के पटना जिला के नौबतपुर का रहने वाला है। सदर एसडीपीओ पवन कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में एक प्रेसवार्ता कर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमित सिंह की हत्या में शूटर के द्वारा चन्दन के ही मोबाइल का यूज किया गया था।
मानिक के इशारे पर हुई कुख्यात अमित की हत्या

एसडीपीओ ने बताया कि अमित की हत्या पटना के बेउर जेल में बंद अपराधी मानिक सिंह के इशारे पर किया गया था। अमित और मानिक पूर्व में एक साथ गैंग का संचालन करते थे। बिहटा के निर्भय सिंह हत्याकांड में दोनों को जेल हो गया था। निर्भय सिंह की मौत के बाद अमित का कद इलाके में बढ़ गया था यह बात मानिक के दिमाग में खटकने लगी थी। अमित अपराध कि दूनिया में मानिक से आगे निकल रहा था। यही वजह था कि जेल से ही मानिक ने अनिष और आशुतोष के माध्यम से अमित की हत्या करा दी।
जेल गया आरोपी अनिष और आशुतोष का था दोस्त
अमित की हत्या के साजिश में जेल गया आरोपी शूटर अमित और आशुतोष का दोस्त है। तीनो एक साथ ट्यूशन पढ़ने जाया करते थे। चंदन के मोबाइल से एक दिन अनिश ने किसी व्यक्ति से 25 लाख की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पटना पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से निकलने के बाद ये सभी उज्जवल, मानिक, अमित सिंह और मुचकुंद एवं बिट्टू के साथ मिलकर रंगदारी, हत्या और अपहरण जैसे कांड का अंजाम देने लगे। पुलिस इंकाउंटर में मुचकुंद मारा गया था। पूर्व में अमित हत्याकांड के साजिश में जेल गया पटना जिला बल का जवान ताबिश की बातचीत सभी से होती थी। ताबिश बराबर मानिक, अनिष, उज्जवल और बिट्टू के संपर्क में था।
पटना से बाइक से आये थे शूटर
अपराधी अमित सिंह की हत्या को अंजाम देने अनिष और आशुतोष बाइक से ही देवघर एक दिन पूर्व पहुंचे थे। सिपाही ताबिश खान से अमित सिंह की हर जानकारी ले रहे थे। घटना स्थल पर जो राउटर मिला था उसमें एयरटेल का सिम था जो चन्द्रभूषण सिहं उर्फ चंदन का था। देवघर पुलिस की टीम हत्याकांड में शामिल अपराधियों को दबोचने के लिये पिछले आठ दिनों से पटना में ही जमी है।


