
Deoghar: झारखंड में कोरोना संक्रमण (corona infection) के बढ़ती रफ्तार ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। जिसको लेकर देवघर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि पिछले एक सप्ताह के दौरान कोरोना संक्रमण के नये मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से नई गाईडलाइन जारी की गई है। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी नए एसओपी में कई दिशा-निर्देश और एहतियाती कदम उठाने को लेकर निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत बंद कमरों, कार्यालय और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करते वक्त फेस कवर या मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। आगे उपायुक्त ने श्रावणी मेला के साथ-साथ आपदा प्रबंधन प्राधिकार के नियमों के अनुपालन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। इसके अलावे उपायुक्त ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए कन्टेनमेंट जोन को मेंन्टेन करने के अलावा टीकाकरण मास्क कोविड नियमों का अनुपालन शत प्रतिशत सुनिश्चित करने का निदेश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों केा दिया।
मास्क जरूरी, पब्लिक प्लेस पर थूकना वर्जितःDC

इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने श्रावणी मेला के मद्देनजर कोरोना संक्रमण के रोकथाम व बचाव को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निदेशित करते हुए कहा कि मास्क की अनिवार्यता के साथ हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। पब्लिक प्लेस में थूकना वर्जित है, साथ ही बंद कमरों में वेंटिलेशन की सुविधा होनी चाहिए। स्कूलों के परिचालन में भारत सरकार की शिक्षा विभाग के नियमों का पालन जरूरी किया गया है और कॉलेज और विश्व विद्यालयों के परिचालन के लिए भी यूजीसी के नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। आगे उपायुक्त ने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर श्रावणी मेला के दौरान मास्क की अनिवार्यता व कोविड नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ हीं स्वास्थ्य सुरक्षा के मदेनजर उपायुक्त ने श्रावणी मेला को लेकर नए एवं पुराने सदर अस्पताल परिसर में कोविड आईसोलेशन वार्ड बनाने के अलावा जिले में कोरोना संक्रमण के रोकथाम व बचाव के अलावा ऑक्सिजन प्लांट एवं ऑक्सिजन सिलेण्डर की व्यवस्था को दुरूस्त करने का निदेश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिया। वहीं मेला क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा कोविड टेस्टिंग कैम्प लगाने के अलावा कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता व स्प्लिटिंग के रोकथाम को लेकर भोलेनाथ के दूतों को मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त करने का निदेश दिया। साथ हीं श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु दुम्मा बॉर्डर पर थर्मल स्केनर के अलावा आवश्यक सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निदेश उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
बुजुर्ग, बच्चे व गर्भवती महिलाएं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र से बचेंःDC

इसके अलावे बैठक के माध्यम से उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कोविड-19 के खतरे को देखते हुए बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, स्वास्थ्य लाभ ले रही महिलाओं से अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान में समय की नजाकत को देखते हुए श्रावणी मेला के दौरान ऐसे श्रद्धालु भीड़-भाड़ व बाबा मंदिर आने से बचें।



