
Ranchi: रांची में हिंसा-उपद्रव की घटना और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बीते एक हफ्ते के दौरान हुई बड़ी आपराधिक वारदातों को लेकर झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने डीजीपी नीरज सिन्हासहित राज्य के वरीय पुलिस अफसरों को राजभवन में तलब किया।
इंटेलिजेंस इनपुट थे तो प्रिवेंटिव एक्शन क्यों नहीं लिया?

राज्यपाल ने डीजीपी को पूछा कि रांची में हुई हिंसा और उपद्रव को लेकर पुलिस के पास क्या इंटेलिजेंस इनपुट थे और इसके आधार पर उन्होंने प्रिवेंटिव एक्शन क्यों नहीं लिया? राज्यपाल ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि रांची में शुक्रवार को सड़कों पर हिंसा-उपद्रव करनेवालों लोगों की पहचान कर उनकी तस्वीरों और नाम-पते के साथ शहर के प्रमुख स्थान पर होडिर्ंग्स लगवायें, ताकि आम नागरिक इनके बारे में पुलिस को सूचना दे सकें।

राज्यपाल ने जिन अफसरों को तलब किया, उनमें डीजीपी के अलावा राज्य के एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर, रांची के उपायुक्त छवि रंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा शामिल थे।
राजभवन की ओर से आधिकारिक तौर पर जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्यपाल ने अफसरों से जानना चाहा कि धरना, प्रदर्शन, जुलूस के बारे में क्या जानकारी थी और इसे लेकर उन्होंने क्या व्यवस्थाएं की थीं? इसपर डीजीपी ने कहा कि आईबी की ओर से दिये गये इनपुट में बताया गया था कि लगभग डेढ़ सौ लोग अराजकता फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।
वाटर कैनन, रबर बुलेट और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया?
राज्यपाल ने डीजीपी से यह भी पूछा कि उपद्रव और हिंसा पर उतारू भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन, रबर बुलेट और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया? उन्होंने जुलूस के दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और मैजिस्ट्रेट की संख्या और इस कांड के सिलसिले में अब तक हुई गिरफ्तारियों के बारे में भी जानकारी मांगी। राज्यपाल ने पुलिस अफसरों और सुरक्षाकर्मियों के हेलमेट और प्रोटेक्टिव गियर न पहने होने पर भी सवाल पूछा।
इन घटनाओं पर लिखित रिपोर्ट मांगा
रांची की हिंसा के अलावा गुमला में रेप के आरोपी युवक को भीड़ द्वारा जिंदा जलाकर मार डालने, रांची में राजेश कुमार पॉल नामक ज्वेलर की दिनदहाड़े हत्या, जमशेदपुर के पास आदित्यपुर में तीन युवकों की गोली मारकर हत्या, जमशेदपुर की कोर्ट में गवाही देने के बाद घर में घुसकर मनप्रीत नामक युवक की गोली मारकर हत्या की घटनाओं पर भी राज्यपाल ने डीजीपी को जवाब देने को कहा। उन्होंने इन तमाम मामलों पर लिखित तौर रिपोर्ट देने को कहा है।



