
Ranchi: निलंबित आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण (Suspended IAS Pooja Singhal Case) में पूछताछ के लिए दो बार समन किये जाने के बावजूद साहिबगंज जिला खनन अधिकारी ईडी ऑफिस (Sahibganj District Mining Officer ED Office) नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने ईडी के सामने पेश होने के लिए 15 दिन और देने का अनुरोध किया है। ईडी ने उन्हें छुट्टी की अवधि समाप्त होने के ठीक बाद जांच में शामिल होने का निर्देश दिया।

इससे पहले ईडी ने उन्हें दुमका के डीएमओ कृष्णचंद्र किस्कू और पाकुड़ के डीएमओ प्रदीप कुमार साह के साथ समन किया था। विभूति कुमार ने व्यक्तिगत आधार पर समय मांगा और कहा कि वह अपनी बेटी के विवाह समारोह के लिए 20 मई तक छुट्टी पर हैं। उन्हें समय दिया जाय। ईडी उनसे पूछताछ कर पूजा सिंघल से सवाल जवाब करेगी। ईडी को जांच में इन तीन जिलों में अवैध खनन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने का सबूत मिला है। इन तीन अधिकारियों पर खनन माफियाओं के साथ संबंध होने का संदेह है।

साहिबगंज के डीसी रामनिवास यादव ने बताया कि विभूति कुमार ने शनिवार को कार्यालय ज्वाइन किया है। हालांकि, उन्होंने ईडी के समन के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की।
बताया गया है कि दुमका के डीएमओ कृष्णचंद्र किस्कू और पाकुड़ के डीएमओ प्रदीप कुमार साह ने ईडी की पूछताछ में बताया था कि संताल में अवैध खनन के कारोबार पर पंकज मिश्रा का पूर्ण नियंत्रण है। पंकज ने अपने और रिश्तेदारों के नाम पर साहिबगंज में खनन पट्टा लिया है। ईडी जांच में यह बात सामने आयी है कि साहिबगंज डीएमओ विभूति कुमार भारी रकम पूजा सिंघल तक पहुंचाते थे। साथ ही पंकज मिश्रा सहित कई अन्य को उन्होंने खनन पट्टा दिया है।
उधर, ईडी की टीम निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को रिमांड पर लेकर ईडी कार्यालय में पूछताछ कर रही है। न्यायालय के आदेश पर सिंघल के स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टर की मौजूदगी में पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम पूजा सिंघल फिर मोबाइल से मिले दस्तावेज के बारे में पूछताछ कर रही है। रिमांड अवधि के दौरान पूजा सिंघल को उनके घर से आये खाने पीने की चीजें भी दी जाएंगी। रिमांड अवधि के दौरान वह परिजनों और वकीलों से भी मुलाकात कर सकती है।


