
Ranchi: पंकज मिश्रा… नाम तो सुना होगा। अगर नहीं सुना तो अब सुन लीजिये … पंकज मिश्रा वो नाम है जो झारखंड की राजनीति गलियारे की सियासत को गर्म कर चुकी है। जो सरकारी मुलाजिम तो नहीं लेकिन जिसके सरकारी पते ने विपक्ष को कुर्सी पर बैठी सरकार के मजम्मत का मौका जरूर दे दिया है।

झारखंड की राजनीति में हर घंटे कुछ नया हो रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच कानूनी लड़ाई देखी जा रही है। राज्य की रिपोर्ट राज्यपाल रमेश बैस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को बुधवार को सौंपी है। उसके बाद से ही सबकी निगाहे दिल्ली पर टिकी है। इधर बीजेपी लगातार जेएमएम की सरकार पर हमलावर है। एक बार फिर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा सुर्खियों में हैं। बीजेपी के आला पदाधिकारी जमकर उन्हें निशाने पर लिए हुए हैं।
पंकज मिश्रा के पत्थर खनन पट्टे पर सरकारी पता

एसडीओ का मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को साहिबगंज जिला प्रशासन की तरफ से एक पत्थर खदान का लाइसेंस दिया गया है। यह लाइसेंस उन्हें 15 मार्च 2021 को दिया गया है। इस पट्टे में जो पता दिया गया है। वो सर्वश्री महाकाल स्टोन वर्क्स, पंकज मिश्रा, पिता लक्ष्मीकांत मिश्रा, पता- एसडीओ कोठी, सकरूगढ़ और जिला साहिबगंज लिखा हुआ है। यहां विवाद वाली बात यह है कि नाम तो पट्टे पर पंकज मिश्रा का लिखा हुआ है, लेकिन पता एसडीओ कोठी का दिया गया है।

इस पट्टे की कॉपी मीडिया में वायरल हो जाने के बाद से ही सियासत तेज हो गयी है। बीजेपी की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि पंकज मिश्रा अपने पद का गलत उपयोग कर एसडीओ कोठी से पूरे साहिबगंज को चला रहे हैं।
निशिकांत और बाबूलाल ने लिया निशाने पर
इधर इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गयी है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे काफी हमलावर हो गए हैं, सबसे पहले सांसद निशिकांत ने ट्विट पर इस मामले पर कहा कि “साहिबगंज का SDO कोठी सरकारी है या आपने हेमंत सोरेन जी ने खरीद लिया है? या सरकारी आदमी के साथ मिलकर आपके चमचों को व्यापार करने की विशेष छूट भारत के संविधान ने दी है। ” इस ट्विट के साथ निशिकांत दुबे ने इनकम टैक्स और ईडी को भी टैग किया है।
वहीं निशिकांत दुबे के ट्विट को रिट्विट करते हुए पूर्व मंख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ट्विट कर कहा है कि “मुख्यमंत्री जी, अपने इन चमचों का दुस्साहस देखिये। आपने भी चोरी-छिपे पत्थर खदान लिया, तो शर्म से ही सही कांके रोड मुख्यमंत्री आवास का पता के बदले हरमू रोड का पता डाला. जहां आप रहते ही नहीं हैं। लेकिन ये चोरी और सीनाजोरी करते हुए साहिबगंज एसडीओ आवास को अपना पता बता कर माइंस ले रहा है।”



