Deoghar: अंग्रेजी नववर्ष 2022 के पहले दिन शनिवार को राज्य के प्रमुख मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शीतलहर में भी तड़के से ही बाबा बैद्यनाथ में दर्शन पूजन के लिए युवा, महिलाएं, बुजुर्ग परिवार के साथ दर्शन पूजन के लिए कतारबद्ध होने लगे। दिन चढ़ने पर इस कदर भीड़ उमड़ने लगी कि सावन माह जैसा नजारा बाबा बैद्यनाथ के दरबार में दिखा।

समाचार लिखे जाने तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर में बाबा के दर्शन कर चुके हैं। साल के पहले दिन बाबा की पूजा के लिए 31 दिसंबर की देर रात से ही श्रद्धालु देवघर में इकट्ठा हुए थे। अहले सुबह कपाट खुलने के साथ बाबा दर्शन के लिए सभी में उत्साह दिखा। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अपेक्षित भीड़ को लेकर व्यापक तैयारियां की गयी थीं परन्तु स्थिति सहज नहीं दिखी। ओमिक्रोन (कोरोना) से लगातार बढ़ रहे संक्रमण के खतरे के बावजूद कोरोना गाइडलाइन का पालन कायदे से होता नहीं दिखा।


डीसी मंजुनाथ भजंत्री ने शनिवार की सुबह बाबा मंदिर पहुंच कर विधि व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का निरीक्षण किया। प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया। साथ ही सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि वे जलार्पण की गति को बढ़ाएं, ताकि कतार को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
निरीक्षण के क्रम में डीसी ने पत्रकारों से कहा कि आज के दिन जहां लोग पिकनिक मनाना या पर्यटक स्थलों पर घूम-फिर कर आनन्द लेना चाहते हैं। वहीं जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की तादाद में हुआ इजाफा इस बात का प्रमाण है कि आस्था का कोई और विकल्प नहीं हो सकता। बाबा के प्रति लोगों के मन में आस्था पहले भी विद्यमान थी, आज भी है और आगे भी इसी प्रकार रहेगी। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की आज होने वाली अप्रत्याशित भीड़ का अनुमान लगाते हुए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी थीं, ताकि श्रद्धालुओं की कतार ज्यादा दूर तक न जाये।
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