
रांची: सेना में भर्ती के नाम पर दर्जनों युवाओं से सवा करोड़ रुपये ठगने के मामले का उजागर आर्मी इंटेलिजेंस ने किया है। मामले में नामकुम पुलिस ने पंकज कुमार सिंह ( चांदनी चौक, जगन्नाथपुर) को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जबकि ठगी का मुख्य सरगना शौकत अली फरार है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।ठगी के शिकार हुए युवा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के रहने वाले हैं।

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिला के लाठी थाना उसी गांव के निवासी युवक बलबीर सिंह के बयान पर नामकुम थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है़। भुक्तभोगी युवकों के अनुसार खेल गांव स्थित एक कमरे में लिखित लिया गया था, बाद में एजेंट के माध्यम से पता चला कि बिना दौड़ लगाये सीधे मेडिकल जांच होगी। उसके बाद ज्वाइनिंग होगा। जिसके लिए प्रति युवक को पांच लाख रुपये देनेे होंगे। युवकों को मेडिकल के लिए रांची में बुलाया गया, तो बंद कमरे में मेडिकल लिया गया। इससे युवकों को शक हुआ, तो उन्हें बताया गया कि कोरोना की वजह से अस्पताल में जांच नहीं की जा रही है। युवक जब ज्वाइनिंग लेटर लेकर नामकुम मिलट्री कैंप पहुंचे, तो ठगे जाने की जानकारी मिली।

गिरफ्तार पंकज सेना में बहाली के नाम पर ठगी मामले में पूर्व में भी जेल जा चुका है। वह बोकारो, सिमडेगा, धनबाद, गुमला के दर्जनों युवाओं से सेना में भर्ती के नाम पर दो करोड़ रुपये की ठगी मामले में 23 फरवरी 2020 को जगन्नाथपुर थाना से जेल जा चुका है। मामले में 91/20, 92/20 केस दर्ज किया गया था। पंकज सिंह पिछले कई सालों से भोले-भाले युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगने का काम कर रहा है। उसे महंगी गाड़ियों का शौक है। उसके पास दो महंगी गाड़ियां हैं। उसने युवाओं को ठगने के लिए अलग-अलग जगहों पर ऑफिस खोल रखा है। युवाओं को ठगने का धंधा काफी फैला हुआ है।
युवाओं को सेना में नौकरी का सब्जबाग दिखाकर उनसे कई अलग-अलग बैंक अकाउंट में नौ माह में 60 लाख का ट्रांजेक्शन किया है। ज्यादातर ट्रांजेक्शन गोपी शर्मा (आइसीआइसीआइ बैंक), सुशील तिवारी (एचडीएफसी बैंक), मनीष कुमार ( यूनियन बैंक), पंकज कुमार सिंह (एक्सिस एवं आइसीआइसीआइ बैंक) एवं रोहित कुमार के खाते में किया गया है।


