
रांची:
साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रुपा तिर्की हत्याकांड में राज्य सरकार का असली चेहरा सामने आया है। रूपा तिर्की को अपनी बहन कहने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इशारे पर बेटी के लिए इंसाफ मांगने वाले पिता को ही आरोपी बनाया गया।

रूपा तिर्की मामले में राज्य सरकार का आदिवासी और महिला विरोधी चेहरा दिखाई दिया है। उक्त बातें गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर ने कही।उन्होंने कहा कि रूपा के परिजनों की गुहार को अनसुना कर मामले में सफेदपोश संदिग्धो को बचाने के लिए राज्य की पुलिस काम कर रही है। हो भी क्यों नहीं जब इस हत्याकांड की धमक मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच रही हो तो मुख्यमंत्री पहले अपनी कुर्सी बचाने का काम करेंगे।

भले ही कोई बहन, बेटी की बलि ही क्यूं ना देना पड़े।उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन शुरू से ही इस हत्या को आत्महत्या करार देने में जुटी है। इसके लिए पूरी कहानी तैयार किया गया। मामले को दबाने के लिए सरकार के कुछ लोग परिजनों को अपने अनुसार समझाना चाहा। पहले पटाने की कोशिश की गयी, लोभ दिया गया।
नौकरी, पैसा का प्रलोभन भी जब परिजनों को सीबीआई जांच से पीछे नहीं हटा सका तो रूपा के पिता को ही आरोपी बनाकर परिजनों को धमकाने का काम किया है। अपने इस हरकत से सरकार बाज नहीं आयी तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा।


