
रांची:

कोरोना महामारी से इस लड़ाई में कई ऐसे उदाहरण सामने आए है जहाँ लोगो ने अपनी हिम्मत का बदौलत इस पर काबू पाया है। वही कई ऐसे मामले भी है जहाँ संवेदनाएं तार-तार होती नजर आ रही है।

इतना ही नही काेराेना के खाैफ का साया ऐसा की अपने भी पराए हाेने लगे हैं। इसका एक उदाहरण रिम्स में मिला। जहा दाे साल के मासूम की माैत हाे गई ताे मां-बाप शव छाेड़कर भाग गए। जमुई के चकाई थाना क्षेत्र के नईडीह निवासी शंकर यादव अपने बेटे बिट्टू काे इलाज के लिए रिम्स लेकर आए थे। जहा इलाज़ के बाद भी मासूम को बचाया न जा सका।
बच्चे को जब भर्ती कराया गया तब उसकी काेराेना रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई थी। उसे पीडियाट्रिक सर्जरी यूनिट-1 में भर्ती कराया गया। डाॅ. हिरेंद्र बिरुआ उसका इलाज कर रहे थे। इलाज के दाैरान उसकी माैत हाे गई। यह खबर सुनते ही मां-बाप शव काे छाेड़कर गायब हाे गए।
रिम्स के ट्रॉलीमैन ने किया अंतिम संस्कार:
अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल के कर्मचारी उन्हें फाेन करते रहे, लेकिन वह राॅन्ग नंबर बताकर फाेन काट देता। आखिरकार दाे दिन इंतजार के बाद रिम्स का ट्राॅलीमैन रंजीत बेदिया ने बच्चे के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया और नामकुम के घाघरा श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया।



