
राज्य में 678 मंदिर हैं लेकिन रजिस्टर्ड केवल 94
रांची।

झारखंड राज्य हिंदु धार्मिक न्यास बाेर्ड के प्रशासक सह लाॅ सेक्रेटरी संंजय प्रसाद ने राज्य के बाबा बैद्यनाथ मंदिर, बासुकीनाथ मंदिर समेत 22 मंदिर प्रबंधन काे नाेटिस जारी किया है। ये नोटिस 20 साल से जमा नहीं किये गए न्यास बोर्ड शुल्क को लेकर है।

नोटिस में मंदिर प्रबंधन को मंदिराें का ऑडिट रिपाेर्ट और रिर्टन जमा करने के लिए 15 दिनाें का समय दिया गया है। मंदिर से संबंधित पूरा लेखा-जाेखा के साथ दस्तावेज भी न्यास बाेर्ड ने मांगा है।
मंगलवार काे रांची प्राेजेक्ट भवन में न्यास बाेर्ड के प्रशासक संजय प्रसाद ने मीडिया बंधुओ से बात करते हुए कहा कि बिहार से झारखंड अलग हाेने के बाद राज्य भर के 678 मंदिराें ने न्यास बाेर्ड का शुल्क जमा नहीं किया है। 20 साल से न्यास बाेर्ड के पास मंदिराें का शुल्क जमा नहीं किया है। साथ ही राज्य के केवल 94 मंदिर ही न्यास बाेर्ड के अंतर्गत रजिस्टर्ड है।
संजय प्रसाद ने जानकारी दी कि 12 से 14 फरवरी तक विज्ञापन के जरिए मंदिर के पंजीकृत करने के लिए प्रबंधन काे सूचित किया जाएगा। जाे मंदिर, मठ, धर्मशाला चेरिटेबल ट्रस्ट साल 2000 के पूर्व बिहार राज्य धार्मिक न्यास बाेर्ड काे शुल्क देते आ रहे थे। वे साल 2001-02 से साल 2019-20 तक शुल्क का भुगतान करें।
प्रशासक संजय प्रसाद ने कहा है कि रांची की पहाड़ी मंदिर, मेन राेड रांची की संकट माेचन हनुमान मंदिर, मारवाड़ी ब्राहृम्ण सभा, सर्जना चाैक स्थित राम मंदिर ट्रस्ट काे भी नाेटिस जारी किया गया है। इन्हें भी लेखा-जाेखा के साथ रजिस्टर्ड करने के लिए नाेटिस जारी किया गया है।
साथ ही उन्होंने बताया कि देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर, दुमका के बासुकीनाथ मंदिर और इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर सहित 22 मंदिरों व धर्मशालाओं को नोटिस भेजकर वार्षिक आय व्यय का ब्योरा मांगा गया है।
इसके अलावा न्यास बाेर्ड द्वारा मंदिराें के प्रबंधन समिति व ट्रस्ट के पास कितनी जमीन है। इसकी भी जानकारी मांगी गई है।
न्यास बाेर्ड के साॅफ्टवेयर पर होगी राज्य के 678 मंदिराें की जानकारी
प्रशासक संजय प्रसाद ने कहा कि झारखंड राज्य हिंदु धार्मिक न्यास बाेर्ड का एक साॅफ्टवेयर बनाने के लिए आईटी सेक्रेटरी से बात की गइ है। जिसमें यह कहा गया है कि मंदिर से संबंधित पूरी जानकारी साॅफ्टवेयर पर उपलब्ध हाेगी। जिसमें एक श्रद्धालु काे धर्मशाला से लेकर, पूजा-अर्चना, प्रसाद और पूजा करने के लिए रजिस्ट्रेशन तक की पूरी जानकारी हाेगी, जिससे एक पारदर्शिता आएगी। न्यास बाेर्ड के साॅफ्टवेयर से ही श्रद्धालु राज्य के जिस मंदिर में पूजा करने जाएंगे वहां एक प्लेटफाॅर्म पर ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हाेगी।
इनसे मांगा गया आय-व्यय का ब्योरा
बाबा बैद्यनाथ मंदिर (देवघर), बाबा बासुकीनाथ मंदिर (दुमका), मां भद्रकाली मंदिर न्यास समिति इटखोरी, (चतरा), संकट मोचन हनुमान मंदिर मेन रोड (रांची), शिव मंदिर, पहाड़ी मंदिर (रांची), श्री राधा कृष्ण ठाकुरबाड़ी, राजमहल (साहिबगंज), राम मंदिर ट्रस्ट, सर्जंना चौक, पुरुलिया रोड, (रांची), जडॉव कुंमरी ट्रस्ट धर्मशाला (हजारीबाग), श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति बरहेट (साहिबगंज), श्री अग्रवाल महेश्वरी खंडेलवाल पंचायत भवन (साहिबगंज), सीपी कबीरपंथी धर्मदास भजन मंदिर, सोनारी (जमशेदपुर), श्री ब्रह्मानंद फलाहारी बाबा धर्मशाला (दुमका), श्री राम जानकी मंदिर न्यास समिति, चुटिया (रांची), शंभु मंदिर ट्रस्ट (चाईबासा), आंध्रभक्त श्री राम मंदिरम बिष्ठुपुर (जमशेदपुर), शिवगामी प्रबंधन समिति (साहिबगंज), श्री हनुमान मंदिर समिति खड़ंगाझाड़ (जमशेदपुर), मारवाड़ी ब्राह्मण सभा धर्मशाला, अपर बाजार (रांची), श्री शिवशक्ति धाम ट्रस्ट, सरिया (गिरिडीह), झारखंडी नाथ महादेव मंदिर धार्मिक न्यास समिति (गिरिडीह), श्री मारवाड़ी सत्यनारायण मंदिर धर्मशाला व माता वैष्णव देवी मंदिर ट्रस्ट (रामगढ़)।



