
New Delhi : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शिक्षा बोर्डों ने बड़ा कदम उठाया है। कतर के दोहा में स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, क्षेत्र में ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष और खाड़ी देशों की अस्थिर स्थिति को देखते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NISO) ने मार्च-अप्रैल 2026 में प्रस्तावित प्रैक्टिकल परीक्षाओं (Practical examinations) को फिलहाल स्थगित (Currently postponed) कर दिया है।

एनआईओएस भारत का ओपन स्कूल बोर्ड है, जो भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों में भी परीक्षा आयोजित करता है।

दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, ”खाड़ी देशों में चल रही क्षेत्रीय स्थिति के कारण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने घोषणा की है कि मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। नई तारीखों की घोषणा एनआईओएस की ओर से उचित समय पर की जाएगी।”
इससे पहले केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी मध्य पूर्व के कई देशों में आयोजित होने वाली कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है।
सीबीएसई का यह फैसला बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित सीबीएसई के सभी स्कूलों पर लागू होगा। इस संबंध में बोर्ड ने रविवार को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया। बोर्ड का कहना है कि क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बोर्ड ने इन देशों में परीक्षाएं आयोजित करने की संभावना का कई बार आकलन किया, लेकिन इन देशों से प्राप्त सूचनाओं, स्थानीय विद्यालयों के अनुरोधों तथा स्थानीय प्रशासन की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च 2026 को भी इस विषय पर सर्कुलर जारी किए गए थे। पहले कुछ परीक्षाओं को स्थगित किया गया था। हालांकि अब इन सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया जा चुका है।
रविवार को सीबीएसई बोर्ड द्वारा लिए गए नवीनतम निर्णय के अनुसार 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होने वाली कक्षा 12 की सभी बोर्ड परीक्षाएं इन देशों के विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। (IANS)



