
New Delhi : यूजीसी-नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में बड़ी संख्या में गंभीर त्रुटियां पाए जाने के बाद पुनर्परीक्षा कराने का फैसला किया है।

इन परीक्षाओं में भाषा, वर्तनी की गलतियाों के साथ साथ पहले आयोजित परीक्षाओं में पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी बड़ी संख्या में सामने आई। यह पुनर्परीक्षा अब सितंबर में होगी। इस संदर्भ में 16 अगस्त की शाम एजेंसी ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इन तीन विषयों के जिन अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी, उनसे कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद स्वयं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ही एक समिति गठित की थी। समिति ने जांच के बाद पाया कि इन तीनों प्रश्नपत्रों में कई तरह की त्रुटियां थीं। इनमें प्रमुख विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी, पुस्तकों के शीर्षकों का बिगड़ा हुआ रूप, प्रश्नों के मूल कथन में गलतियां, व्याकरण संबंधी त्रुटियां, लिंग और वचन के मेल में गलतियां तथा विराम चिह्नों से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। इसके अलावा स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक नए शब्दों का इस्तेमाल और पहले आयोजित परीक्षाओं में पूछे जा चुके बड़ी संख्या में प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी सामने आई।
समिति ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की सिफारिश की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इन तीनों विषयों के लिए पुनर्परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। एजेंसी के मुताबिक अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर, प्रथम पाली में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर, द्वितीय पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं, समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर, प्रथम पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी।
इससे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून 2026 के बीच 87 विषयों में आयोजित की थी। परीक्षा कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति, सहायक प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी में प्रवेश के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
एजेंसी का कहना है कि परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है लेकिन परीक्षा शहर, परीक्षा केंद्र और प्रवेश पत्र से जुड़ी जानकारी बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
गौरतलब है कि रविवार को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यूजीसी नेट के 84 विषयों की ‘आंसर की’ जारी की है। एजेंसी का कहना है कि जिन 84 विषयों के लिए उत्तर कुंजी व चुनौती देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, उनके परिणाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की पुनर्परीक्षा के कारण इन 84 विषयों में कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति सीटों के आवंटन तथा सहायक प्रोफेसर और पीएचडी प्रवेश की पात्रता के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र जारी करने में देरी नहीं होगी।
एजेंसी के मुताबिक, सहायक प्रोफेसर के लिए पात्र घोषित किए जाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या जून 2026 में आयोजित परीक्षा या पुनर्परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों में से जो संख्या अधिक होगी, उसके 6 प्रतिशत के बराबर होगी। इन तीन पुनर्परीक्षा वाले विषयों में कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति, सहायक प्रोफेसर पात्रता और पीएचडी प्रवेश के लिए विषयवार आवंटन सूचना पुस्तिका में दिए प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पुनर्परीक्षा के बाद पहले से आवंटित संख्या को किसी भी परिस्थिति में कम नहीं किया जाएगा।एजेंसी ने कहा है कि वह निष्पक्ष, सटीक और पारदर्शी परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और यूजीसी-नेट की आधिकारिक वेबसाइट तथा आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। (IANS)



