
Deoghar: देवघर जिले के चर्चित आजसू जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह और उनके चालक सोनू कुमार शर्मा हत्याकांड मामले में अदालत ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.

देवघर की व्यवहार न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए सभी आठों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 22-22 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
12 साल बाद मिला न्याय

घटना अगस्त 2013 की है. घटना वाले दिन मुकेश कुमार सिंह अपने चालक सोनू कुमार शर्मा के साथ चार पहिया वाहन से देवघर की ओर आ रहे थे. इसी दौरान जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी-कोल्हाबाद-अजान इलाके के समीप अपराधियों और उपद्रवियों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को रोक लिया.
मामूली कहासुनी और विवाद के बाद उग्र भीड़ व अपराधियों ने मुकेश सिंह और उनके ड्राइवर सोनू पर हमला कर दिया और पीट-पीटकर दोनों की निर्मम हत्या कर दी थी. इस दोहरे हत्याकांड से पूरे संथाल परगना और राज्यभर की राजनीति व कानून-व्यवस्था में हड़कंप मच गया था.
मामले दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए मुख्य आरोपियों समेत अन्य को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए ठोस सबूतों, गवाहों के बयानों और केस की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आठों अभियुक्तों को हत्या और षड्यंत्र का दोषी पाया.
अदालत द्वारा सजा के ऐलान के बाद पीड़ित पक्ष के परिजनों ने राहत की सांस ली है. लगभग 12 वर्षों के लंबे इंतजार और अदालती प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को इलाके के लोग न्याय की जीत मान रहे हैं.



