
Deoghar Cyber Crime News : देवघर के साइबर ठगों की कारस्तानी से इन दिनों देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस परेशान है . इसी कड़ी में कर्नाटक के व्यक्ति को 53 लाख का चूना लगाने वाले साइबर ठग की तलाश में कर्नाटक की पुलिस टीम सोमवार को देवघर साइबर थाना पहुंची।

यहां की पुलिस से मिलकर आरोपित दिग्विजय के बारे में पता लगाने का प्रयास किया। कर्नाटक की पुलिस ने बताया कि वहां के एक व्यक्ति से पिछले साल करीब 53 लाख की ठगी की गई है।

मामले की जांच के क्रम में आरोपित के बारे में पता चला। दिग्विजय व उसके दो अन्य साथियों पर 27 फरवरी 2022 को देवघर साइबर थाने में ठगी का मामला दर्ज किया गया था। मामला आस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर के रहने वाले शाजी जान के बयान पर दर्ज किया था।
जांच के क्रम में पता चला कि इन तीनों ने अपनी ब्लाक बैटेलियन प्रा. लि कंपनी का ब्योरा देते हुए शाजी जान से संपर्क किया। उन्होंने कंपनी का पता देवघर नगर थाना क्षेत्र स्थित विलियम्स टाउन बताया था। उससे कारोबार के बारे में बात की। बात में उसे झांसे में लेकर उससे ठगी कर ली थी।
सरकार के माध्यम से पत्र प्राप्त हुआ था और इसी आधार पर दिग्विजय सरकार, राजीव रंजन कुमार और सुमित कुमार तिवारी के खिलाफ देवघर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया था। दिग्विजय और राजीव ने अपने आप को कंपनी का डायरेक्टर बताया था।
वहीं सुमित कंपनी का प्रतिनिधि था। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने दिग्विजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहां से वह इस शर्त पर बेल पर रिहा होकर बाहर आया कि वह ठगी किया गया सारा पैसा शाजी जान को दे देगा और हर दिन साइबर थाने में आकर हाजिरी लगाएगा।
लेकिन बाहर आने के बाद वह गायब हो गया। उसके बाद से अब तक उसका कोई पता नहीं चला है। उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी है। देवघर पुलिस उसकी लंबे समय से तलाश कर रही है।
बेल पर छूटने के बाद वह पिछले वर्ष कर्नाटक के एक व्यक्ति से करीब 53 लाख की ठगी कर ली। कर्नाटक पुलिस स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपित का पता लगाने का प्रयास कर रही है।



