
Deoghar : बाबानगरी देवघर में सुबह-सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सीता होटल के पास बमबम बाबा पथ स्थित हंसकूप के नजदीक एक 3 मंजिली इमारत गिर गई। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

करीब आठ घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हुआ। मृतकों के नाम मनीष दत्त द्वारी उम्र 50 वर्ष नगर थाना हरिहरवाड़ी, सुनील कुमार (35) और सुनील की पत्नी चम्पा देवी उर्फ सोनी देवी (28) शामिल हैं दोनों साकिन दर्र्दमारा थाना चांदन जिला बांका के रहने वाले हैं। 4 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।


सभी का सदर अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। वहीं दो बच्ची को स्थानीय लोगों की मदद से पहले ही निकाल लिया गया था। घटना करीब 5.30 बजे के आसपास की बतायी जाती है। सुबह करीब 6 बजे के आसपास एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पहुंची और ऑपरेशन में जुट गयी यह बचाव कार्य दोपहर करीब 01 बजे समाप्त हुआ।
देखते-देखते घटना स्थल पर स्थानीय लोगों की काफी भिड़ जुट गयी। घटना की जानकारी मिलते ही गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे, देवघर विधायक नारायण दास, देवघर डीसी विशाल सागर, एसपी अजीत पीटर डुंगडूंग, इंस्पेक्टर सहदेव प्रसाद, बीडीओ, सीओ देवघर, नगर थाना के एसआई प्रशांत कुमार, एसआई संदीप कृष्णा सहित काफी संख्या में पुलिस के जवान पहुंचे। पुलिस द्वारा घटना स्थल के पास चारों ओर से रीबन का बेरिकेटिंग कर दिया गया उपरांत रेसक्यू को अंजाम दिया गया।

करीब आठ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पहला रेस्क्यू सुबह 8:30 बजे हुआ। एनडीआरएफ टीम ने अनुपमा देवी को बाहर निकाला। दूसरा रेस्क्यू 9:35 बजे हुआ। अनुपमा के पति मनीष दत्त द्वारी को निकालकर एनडीआरएफ टीम ने सदर अस्पताल भेजा। जहां ऑनड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुनील यादव को लगभग 11 बजे रेसक्यू कर निकाल कर सदर अस्पताल भजा गया जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर न उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं उसकी पत्नी चम्पा देवी उर्फ सोनी देवी को लगभग 01 बजे मलवे से निकाला गया और सदर अस्पताल भेजा गया जहां देखने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुभानी और पीहू को स्थानीय लोगों ने मलबे से सुरक्षित निकाला
सीता होटल के समीप बमबम बाबा पथ हंसकुप मुहल्ले में जिस वक्त हादसा हुआ, भवन में 3 परिवार की 3 महिला समेत 9 लोग अंदर थे। स्थानीय लोगों ने 2 बच्ची सुभानी कुमारी और पीहू कुमारी को निकाला। लेकिन 3 महिला सहित 7 लोग फंसे रह गए. लिलेश्वर वर्णवाल उर्फ दिनेश वर्णवाल, दिनेश की पत्नी मुन्नी वर्णवाल उर्फ पुनम वर्णवाल सुनील कुमार यादव, सुनील की पत्नी चम्पा देवी उर्फ सोनी देवी व सुनील का पुत्र सत्यम कुमार मलबे में फंसे रहे। सभी को एनडीआरएफ की टीम ने रेसक्यू कर निकाल।

घटनास्थल पहुंचे एमपी
इस हादसे की सूचना मिलते ही गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे सूचना मिली कि एक इमारत गिर गई है। लोग परेशान हैं। सभी लोग आ गए, लेकिन रेस्क्यू टीम 1 घंटे बाद पहुंची। प्रशासन के लोग देर से पहुंचे।
डॉ दुबे ने कहा कि 10-12 साल पहले देवघर में एक बड़ी दुर्घटना हुई थी, तब केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ की एक स्थायी टीम को देवघर में तैनात किया था। इस टीम ने ही रोप-वे हादसे के समय लोगों की जान बचाई थी। डॉ दुबे ने कहा कि लेकिन डीसी देवघर का कहना है कि उनका प्रोटोकॉल कहता है कि घायलों को सदर अस्पताल देवघर ले जाना है।
सांसद ने कहा कि मुझे नहीं पता कि ये क्या प्रोटोकॉल है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना जरूरी है। घायलों को सदर अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन घायलों का उचित उपचार देवघर एम्स में ही हो सकता है।
जाको राखे साइंया मार सके न कोई
यह कहावत रिखिया थाना क्षेत्र के रढ़िया निवासी तिलेश्वर वर्णवल उर्फ दिनेश वर्णवाल के परिजन के साथ सटीक बैठती है। घायल तिलश्वर ने बताया की वह मकान के दो मंजिल पर किराये पर परिवार के साथ रह रहा था। वहीं सामने एक चाय की दुकान चलाने का काम करता था।
उसे दो बेटी है जिसका नाम सुभानी और पीहु है। बताया कि रात को खाना खाने के बाद दोनों बेटी पलंग पर सोयी थी और वह पत्नी के साथ नीचे सोया था।
सुबह पांच सवा पांच बजे के आसपास मकान ढह गया। पत्नी पलंग के नीचे दब गयी और उसके उपर कमरे में रख आलमिरा गिर गया जिसके नीचे वह दब गया। चिल्लाया भी लेकिन आवाज बाहर नहीं जा रहा था।
बताया कि बेटी कैसे मलवे के अंदर से निकली यह नहीं जान पाये। दोनों पति- पत्नी करीब छह घंटे तक मलवे के नीचे बचे रहे। कहा कि भोले बाबा ही थे जिसने हम दोनों पति पत्नी की जान बचायी।
दो बेटे के सिर से मां- पिता का साया उजड़ा
तीन मंजिला इमारत की ढ़हने से दो बेटे के उपर से मां पिता का साया उजड़ गया। बांका जिला के चांदन थाना क्षेत्र के दर्दमारा निवासी सुनील कुमार यादव, पत्नी चंपा देवी उर्फ सोनी देवी की मौत मलवे में दबने सो हो गयी। उसके दो पुत्र हैं नाम सत्यम कुमार है और दूसरे का नाम शिवम कुमार है।
सत्यम भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं शिवम कुमार अपनी दादी के साथ उसी मकान के पिछले भाग में रहता था। परिजनों ने बताया कि सुनील यादव एसबीआई के एक अधिकारी का चालक का कार्य करता था।
वाहन चलाकर ही अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सत्य की दादी का रो- रोकर बुरा हाल था। सत्यम और शिवम मॉंट लिटेरा स्कूल में पढ़ाइ करता है। पिछले लगभग तीन वर्ष से उक्त मकान पर किराये पर रह रहे थे।
इसी माह सिफ्ट करने वाले थे अपने घर मनीष दत्त द्वारी
इस माह मृतक मनिष दत्त द्वारी अपने हरिहर बाड़ी स्थित पुस्तैनी घर में सिफ्ट करने वाले थे। भाई से बंटवारा नहीं होने के कारण मृतक घटना में घायल पत्नी अनुपमा देवी के साथ 2012 से उक्त मकान में किराये पर रह रहे थे। उन्हें एक पुत्र है जिसका नाम 14 वर्षीय अनुशुमन भारद्वाज अपने नाना जरमुंडी निवासी दिवाकर झा के साथ वर्तमान मंें सिता होटल के पास एक किराये के मकान में रहता था।
दिवाकर झा ने बताया कि भाई लोगो से बंटवारा हो गया था. लेकिन इनके हिस्से में शौचालय और पानी किचन की व्यवस्था नहीं थी। यही वजह थी की वे किराये के मकान में रह रहे थे। बताया कि पुस्तैनी मकान में पानी किचन और शौचालय का काम अंतिम चरण में था। बताया जाता है कि अगले माह उन्हें बेलोर आंख का इलाज करने जाना था। भगवान को कुछ और हीं मंजूर था।
परिजनों के चित्कार से गमगीन हुआ सदर अस्पताल
सुबह 09 के आसपास से ही देवघर अस्पताल में मृतक और घायल के परिजनों का जमावड़ा लगने लगा था। मृतक के पिरजनों के चित्कार से सदर अस्पताल परिसर गमगीन हो गया था। परिजन एक दूसरे के समझाने- बुझाने में जुटे थे। लेकिन महिलाओंे का रोना धोना कम नहीं हो रहा था।
सदर अस्पताल के चिकित्सक और चिकित्साकमी दिखे अलर्ट
सदर अस्पताल में घटना में घायल लोगों का इलाज सही तरिके से हो इसे लेकर सिविल सर्जन रंजन सिन्हा डटे दिखे उनके साथ सदर अस्पताल के डॉक्टर अशोक कुमार अनुज, डॉ प्रियंका, डॉ अमरीश ठाकुर, डॉ चितरंजन पंकज, डॉ राजेश रंजन सहित अन्य चिकित्साकर्मी डटे दिखे। वहीं सदर अस्पताल में हो हंगामा नहीं हो इसे लेकर डीएसपी तारस सोरेन, इंस्पेक्टर सहदेव प्रसाद, कुंडा थाना के एसआई फकरूद्दीन अंसारी, सअनि राजकुमार टुडू सहित नगर एवं जसीडीह थाना की पुलिस उपस्थित थी।



