
Kabul: अफगानिस्तान पर कब्जा कर चुका तालिबान (Taliban) और बेखौफ हो गया है। अब उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को धमकी दी है। तालिबान ने यात्रा प्रतिबंध छूट के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) के सदस्य देशों के बीच असहमति के मद्देनजर चेताया है। तालिबानी अधिकारियों ने कहा है कि यदि परिषद ने यात्रा प्रतिबंध छूट को बढ़ाने से इनकार किया तो उनके धैर्य का बांध टूट सकता है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस तालिबान अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। परिषद के अन्य दो स्थायी सदस्य रूस और चीन 13 तालिबान अधिकारियों को इसमें छूट देने के पक्ष में हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस बात पर मतदान करवा कर फैसला लेगी कि तालिबान के 13 अधिकारियों की यात्रा छूट को बढ़ाया जाए या नहीं। अफगान तालिबान अधिकारियों की यात्रा छूट प्रतिबंध 19 अगस्त को समाप्त हो गए हैं। परिषद इस बात को लेकर संशय में है कि यात्रा प्रतिबंध छूट को बढ़ाया जाए या नहीं।
तालिबान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्खी ने ट्वीट किया है कि दोहा समझौते के तहत तालिबान के खिलाफ सभी प्रतिबंधों को रद्द कर दिया जाना चाहिए। इसी के साथ तालिबान अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि परिषद ने यात्रा प्रतिबंध छूट को बढ़ाने से इनकार किया तो वह कठोर रुख अपनाने को मजबूर हो सकते हैं।


