
नई दिल्ली: वर्ष 2015 में केरल विधानसभा में बजट के दौरान हंगामा और तोड़फोड़ करने वाले 6 वामपंथी विधायकों के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की मांग करते हुए केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। आज केरल सरकार ने सुनवाई टालने की मांग की जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 जुलाई तक स्थगित कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें सख्त रुख अपनाना होगा। आप संदेश देना चाहते हैं कि विधायक कुछ भी कर सकते हैं। मामला 13 मार्च 2015 का है जब केरल विधानसभा में वामपंथी विधायकों ने तत्कालीन वित्त मंत्री एकेएम मणि को बजट पेश करने से रोकने की कोशिश की थी। मणि बार रिश्वत कांड के आरोपों का सामना कर रहे थे। हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास रखे कंप्युटर, कीबोर्ड और माइक को भी नुकसान पहुंचाया गया था।



