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त्रिपुरा में मॉब लिंचिंग की घटना पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग हुआ सख्त

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मॉब लिंचिंग (उन्मादी भीड़ की हिंसा) में तीन युवकों की हत्या किए जाने के मामले का राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है।

नई दिल्ली: त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मॉब लिंचिंग (उन्मादी भीड़ की हिंसा) में तीन युवकों की हत्या किए जाने के मामले का राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। 

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष आतिफ रशीद ने बताया कि त्रिपुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों की भीड़ ने पीट-पीटकर तीन लोगों की हत्या कर दी। इस घटना में पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है। नोटिस में पुलिस ने घटना के आरोपितों पर अब तक क्या कार्रवाई की है, इसका विवरण मांगा गया है।

उल्लेखनीय है कि 20 जून की सुबह त्रिपुरा के खोवाई जिले के उत्तरी महारानीपुर में मिनी ट्रक में मवेशी ले जा रहे तीन लोगों की अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार नमनजॉयपाड़ा के ग्रामीणों ने रविवार सुबह एक ट्रक में पांच जानवरों के साथ तीनों को भागते हुए देखा जिसके बाद उन्होंने उनका पीछा किया और उत्तरी महारानीपुर गांव के पास इन्हें रोक लिया। ग्रामीणों ने ट्रक पर सवार तीन लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसी दौरान दो लोगों को पीट-पीटकर मार डाला, जबकि इनमें से सैफुल भागने में कामयाब रहा।

भीड़ ने उत्तरी महारानीपुर के पास की एक अन्य बस्ती मंगियाकामी के पास सैफ़ुल को भी पकड़ लिया और पीट-पीटकर उसकी भी हत्या कर दी। मारे गए तीनों लोगों की पहचान सेपाहीजाला के सोनामूरा निवासी 28 वर्षीय ज़ायद हुसैन, 30 वर्षीय बिलाल मियां और 18 वर्षीय सैफ़ुल इस्लाम के रूप में हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आई है लेकिन अभी आरोपित नहीं पकड़े गए हैं।

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