
नई दिल्ली: महान सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज़ की प्रबन्ध कमेटी, दरगाह कमेटी ख्वाजा साहब अजमेर के वार्षिक चुनाव मंगलवार के दिन नई दिल्ली के साकेत स्थित सेंट्रल वक्फ कांउसिल के दफ्तर में अल्पसंख्यक मंत्रालय के अवर सचिव नदीम खान की उपस्थिति में सम्पन्न हुए।

दरगाह कमेटी ने एक बार फिर पूर्ण सहमति से अमीन पठान को चेयममैन पद के लिए चुना। उपाध्यक्ष के लिए कमेटी ने मुनव्वर खान का चयन किया है। दोनों ही पदाधिकारियों का सभी दरगाह कमेटी सदस्यों ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया और मुबारकबाद पेश की है। इस अवसर पर दरगाह कमेटी के सदस्य फारूखे आज़म, कासिम मलिक, सैयद शाहिद हुसैन रिजवी, सैयद बाबर अशरफ, सफात खान, वसीम राहत अली और जावेद पारेख उपस्थित रहे। बैठक में बतौर सचिव, नाज़िम एवं मुख्यकार्यकारी अधिकारी अशफ़ाक़ हुसैन उपस्थित थे।

दरगाह कमेटी के चेयरमैन और वाइस प्रेसिडेंट के पद पर चुने गए अमीन पठान और मुनव्वर खान को अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने बधाई दी है। नक़वी ने उम्मीद जताई की जिस तरह अब तक दरगाह कमेटी काम करती आई है, वैसे ही काम करेगी और जायरीन व दरगाह के विकास के नए आयाम लिखेगी। दरगाह कमेटी के मुंबई निवासी सदस्य मिस्बाहुल इस्लाम का गत 29 अप्रैल को बीमारी के चलते निधन हो गया था। इस मौके पर दरगाह कमेटी की ओर से इस्लाम को खिराजे अक़़ीदत पेश किया गई। पठान ने बताया कि इस्लाम दरगाह कमेटी के सक्रिय सदस्यों में थे। उनके प्रयासों से ही ख्वाजा मॉडल स्कूल में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के सीएसआर के सहयोग से कम्पयूटर लैब और होम साइंस लैब को स्थापित किया गया था। वर्तमान में प्रस्तावित कलाम लाइब्रेरी भी उन्ही का प्रयास था।
मिस्बाहुल इस्लाम के निधन के बाद से ही दरगाह कमेटी में एक सदस्य का पद खाली हो गया था। इस सिलसिले में 14 जून, 2021 को अल्पसंख्यक मंत्रालय के संयुक्त सचिव द्वारा जावेद पारेख के नाम का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। अपनी पहली बैठक में सम्मिलित पारेख का सभी सदस्यों ने स्वागत किया और गुलदस्ता भेंट कर मुबारकबाद पेश की। गौरतलब है कि पिछली कमेटी के कार्यकाल के दौरान भी पारेख दरगाह कमेटी के एक्टिव सदस्य रहे थे। इस बार भी उनकी आस्था और कार्य करने की इच्छा शक्ति को देखते हुए ख्वाजा साहब ने उन्हें एक बार फिर मौका दिया है।
अमीन पठान का चौथी बार अध्यक्ष पद पर चुना जाना पिछले तीन वर्षो से उनके द्वारा किए जा रहे विकास कार्यो और सकारात्मक सोच का तोहफा है, जिसकी वजह से ख्वाजा साहब के दरबार की जिम्मेदारी उन्हें एक बार फिर मिली है। जहां पठान ने सौलहा खंबा शौचालय का निर्माण करवा कर अपने कार्यो को सुनहरे शब्दों में लिखा, वहीं कोविड के दौरान किए गए कार्यो में उनके प्रयास किसी से छिपे नहीं हैं। बैठक में नाज़िम अशफ़ाक़ हुसैन ने वर्ष 2021-22 का लगभग 10 करोड़ का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। बजट पर घटते आय के स्रोत पर चर्चा करते हुए उसे बढ़ाते हुए जायरीन के सुविधा और विकास के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभान्वित करने के प्रस्ताव पर योजना बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक दूसरे दिन भी जारी रहेगी, जिसमें दरगाह विकास एवं प्रबन्ध के सम्बन्ध में चर्चा की जाएगी।



